ये राजनाथ की सोची-समझी रणनीति है या बड़ी भूल, टिकट
वितरण को लेकर उत्तर प्रदेश में ऐसा बवाल मचा है, जिसमें मोदी का जश्न फीका
पड़ गया है। प्रत्याशियों को लेकर भाजपा के भीतर विद्रोह व विरोध की आग पूरब से पश्चिम तक कई जिलों में धधकने लगी है।
सूबे का मध्य अर्थात अवध क्षेत्र के भी ज्यादातर जिलों में घोषित प्रत्याशियों के विरोध में धरना-प्रदर्शन व पुतले फूंके जा रहे हैं।
अयोध्या में भाजपा को कार्यकर्ताओं व साधु-संतों के विरोध का सामना करना पड़ा है। घोषित प्रत्याशी लल्लू सिंह के खिलाफ कार्यकर्ता सड़क पर उतर पड़े।
नेताओं के खिलाफ नारे लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह और प्रत्याशी लल्लू सिंह का पुतला फूंक दिया।
विरोध के ऐसे भी रंग
रायबरेली में अभी उम्मीदवार नहीं उतरा है लेकिन नेतृत्व के खिलाफ यहां भी कार्यकर्ताओं को गुस्सा सड़कों पर मुखर होने लगा है।
रायबरेली से टिकट की दावेदारी कर रहे अजय अग्रवाल क्षेत्र के कार्यकर्ताओं समेत मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय पर पार्टी नेतृत्व पर सोनिया गांधी व कांग्रेस से साठगांठ करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
रायबरेली से आए कार्यकर्ता बेमियादी धरना पर बैठ गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के वकील अग्रवाल ने कहा कि नेतृत्व के इरादे भांपकर उन्हें मुखर होना पड़ा।
अग्रवाल के नेतृत्व में पार्टी मुख्यालय पर धरना दे रहे इन लोगों की मांग है कि नेतृत्व आश्वस्त करे कि रायबरेली सीट को कांग्रेस के हाथों बेचकर पार्टी कार्यकर्ताओं को नीचा नहीं दिखाया जाएगा।
खुलकर सतह पर आ गया विद्रोह
फतेहपुर में मैदान में उतारी गई साध्वी निरंजन ज्योति और उन्नाव में साक्षी महराज, श्रावस्ती में दद्दन मिश्रा तथा बहराइच में सावित्री बाई फूले के विरोध में भी भाजपाई खुलकर सामने आ गए।
मुजफ्फरनगर से उतारे गए संजीव बालियान के विरोध में भी आवाज उठने लगी हैं।
उधर, जगदंबिका पाल को पार्टी में शामिल करने को लेकर ही कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन कर उनका पुतला फूंका।
पार्टी नेतृत्व के खिलाफ नारे लगाए गए और पाल को पार्टी में लेने पर खामियाजा भुगतने की चेतावनी दी गई।
नेतृत्व पर सौदेबाजी का भी आरोप
देवरिया में कलराज मिश्र की उम्मीदवारी के विरोध में मुखर हुए स्वर तीन दिन बाद भी शांत नहीं हुए हैं। उधर, प्रदेश के पश्चिमी छोर पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है।
यहां संजीव बालियान को उम्मीदवार बनाने के विरोध में एक गुट आर-पार की लड़ाई पर उतर आया है। इन लोगों की मांग है कि संगीत सोम को उम्मीदवार न बनाकर पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की है।
यही नहीं, जौनपुर, अलीगढ़, बिजनौर, महराजगंज, गाजियाबाद सहित अन्य कुछ जिलों में भी प्रत्याशियों के खिलाफ धरना-प्रदर्शन व पार्टी नेतृत्व के पुतले फूंके गए।
गाजियाबाद से जनरल बीके सिंह की उम्मीदवारी का भी खुलकर विरोध शुरू हो गया है।
कहीं राजनाथ तो कहीं प्रत्याशी के खिलाफ बोल
अयोध्या में मंगलवार को अशर्फी भवन चौराहे पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह का पुतला फूंक प्रदर्शन किया।
साथ ही राजनाथ सिंह पर नरेंद्र मोदी को कमजोर करने के लिए डमी प्रत्याशी उतारने का आरोप लगाया।
बलरामपुर में भी कार्यकर्ताओं ने दद्दन मिश्रा को श्रावस्ती से प्रत्याशी बनाने को भी ऐसी ही साजिश बताया। बहराइच से भाजपा प्रत्याशी सावित्री बाई फुले के खिलाफ नारेबाजी की गई।
साथ ही पूर्व मंत्री अक्षयबर लाल गोंड को टिकट देने की मांग उठी। बलहा विधानसभा के चार मंडल अध्यक्षों ने फूले पर बसपा के लिए काम करने का आरोप भी लगाया। कुछ कार्यकर्ताओं के त्यागपत्र देने की भी खबर है।