लखनऊ जिला जेल में बंद 185 लोगों को इंतजार है कि पुलिस उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करे और वे अदालत में जाकर अपना पक्ष रख सकें। या अपनी बेगुनाही के बारे में बता सकें।
पहली अप्रैल को पकड़े गए ठाकुरगंज के सलीम के बेटे गुफरान ने बताया जेल में बंद अब्बू को अब तक नहीं पता है कि दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला कौन है? एक माह से जेल में बंद मवइया के विनोद के परिवारीजनों का कहना है कि उन्हें दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी पुलिस से तब मिली जब विनोद को गिरफ्तार कर लिया गया।
फैक्ट फाइल
लखनऊ जिला जेल में दुष्कर्म के कुल बंदी- 535
आरोप पत्र दाखिल- 350
दुष्कर्म या सामूहिक दुष्कर्म जैसी गंभीर मामलों में स्पष्ट नियम हैं कि एफआईआर तत्काल दर्ज हो और पुलिस कार्रवाई भी तुरंत अमल में लाई जाए। जिससे महिला के प्रति अपराध के आरोपी को सुबूतों से छेड़छाड़ का मौका न मिले। अगर पुलिस जांच में आरोप झूठे मिलें तो भी आरोपी से एक बार पूछताछ तो जरूर की जानी चाहिए।
अनिल प्रताप सिंह, पूर्व अध्यक्ष लखनऊ बार एसोसिएशन
जेल में दुष्कर्म मामलों के कुल 535 बंदी हैं जिनमें लगभग साढ़े तीन सौ की चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, लिहाजा उनको अदालत में तय तारीख पर पहुंचाया जाता है।
हरबंश पांडेय, डिप्टी जेलर लखनऊ जिला जेल