विश्व के 22 करोड़ से अधिक लोगों की भाषा भोजपुरी को अब संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाएगा।
यह बात शनिवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विवि में स्थापित ‘भोजपुरी अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र’ के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही।
उन्होंने बताया कि इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वार्ता हो चुकी है और उन्होंने अपनी सहमति भी दी है। अब बस इसको संवैधानिक दर्जा मिलने का इंतजार करें।
उन्होंने कहा कि उनका जन्म चंदौली में हुआ और पहली भाषा भोजपुरी ही रही। भोजपुरी में आत्मीयता, सरसता और मिठास है। इस भाषा को बढ़ाने में फिल्मों व गीतों का काफी योगदान रहा।
सरकार भी इस भाषा का सम्मान करती है तभी लोक गायिका मालिनी अवस्थी को पद्मश्री दिया गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय वोट को भी खींचने में इस भाषा का महत्व है। इस दौरान राजनाथ सिंह ने संस्कृत को सभी भाषाओं की जननी बताया।