बसपा सुप्रीमो मायावती व उनके भाई आनंद कुमार
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मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार को राज्यसभा प्रत्याशी बनाने से जुड़ी खबरों को लेकर सफाई दी। कहा कि आनंद को प्रत्याशी बनाने की खबर बीजेपी एंड कंपनी ने फैलवाई। आनंद पार्टी का राजनीतिक नहीं बल्कि व्यवस्थापन कार्य देखते हैं। पार्टी में परिवारवाद को कभी बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। कुछ विशेष परिस्थितियों को छोड़कर बसपा से जुड़े लोग सर्वसमाज में पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार से अपना योगदान दे सकते हैं। पर, वे कभी सांसद, विधायक व मंत्री आदि नहीं बनाए जाएंगे। आनंद को भविष्य में संसद भेजने का सवाल पैदा नहीं होता।
12 मार्च तक दाखिल होंगे नामांकन
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की दस सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए नामांकन पत्र 5 से 12 मार्च तक दाखिल किए जाएंगे। 13 मार्च को इनकी जांच होगी और 15 मार्च तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 23 मार्च को मतदान होगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी।
बता दें कि प्रदेश से राज्यसभा सदस्य विनय कटियार, प्रमोद तिवारी, नरेश अग्रवाल, किरनमय नंदा, दर्शन सिंह यादव, जया बच्चन, मुनकाद अली, चौधरी मुन्नवर सलीम और आलोक तिवारी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
दरअसल, राज्यसभा चुनाव 59 सीटों के लिए होना है। इन चुनावों के बाद ऊपरी सदन में भाजपा की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक 10 सीटों के लिए चुनाव होना है।
आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और राजस्थान से तीन-तीन जबकि बिहार व महाराष्ट्र से भी छह-छह सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश से 5-5 सदस्य भी अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। वहीं कर्नाटक, गुजरात से चार-चार और झारखंड से दो सदस्य भी अपना अवधि पूरी करेंगे। छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से भी एक-एक सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।