फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बसपा की तरफ से भीमराव होंगे राज्यसभा के उम्मीदवार, मायावती बोलीं- नहीं दूंगी परिवारवाद को बढ़ावा

Wed, 07 Mar 2018 10:05 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
भीमराव अंबेडकर - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

बसपा सुप्रीमो मायावती ने राज्यसभा की दसवीं सीट के लिए सपा की मदद से स्वयं या अपने भाई आनंद कुमार की जगह इटावा के पूर्व विधायक भीमराव अंबेडकर को प्रत्याशी बनाने का एलान किया है। उन्होंने कहा, बसपा व सपा मिलकर राज्यसभा व विधान परिषद चुनाव में भाजपा को धराशाई करेंगे।

विज्ञापन


मायावती ने यहां प्रदेश बसपा कार्यालय पर मंगलवार की शाम वरिष्ठ नेताओं व विधायकों की एक बैठक में पार्टी के राज्यसभा प्रत्याशी का एलान किया। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि तमाम आग्रह व अनुरोध के बावजूद उन्होंने स्वयं चौथी बार राज्यसभा में चुनकर जाने के बजाय पार्टी के पुराने व समर्पित पूर्व विधायक अंबेडकर को प्रत्याशी बनाने का फैसला किया है। वह दलित समाज के हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके इस निर्णय का हर स्तर पर स्वागत किया गया है।

मायावती ने इस बैठक में राज्यसभा व विधान परिषद चुनाव की तैयारियों को लेकर जरूरी दिशानिर्देश भी दिए। उन्होंने विधायकों से कहा,बीजेपी की गलत व कुंठा वाली राजनीति को फेल करने के लिए बसपा व सपा ने रणनीति बनाई है। इसी रणनीति से भाजपा को धराशाई किया जा सकेगा।
विज्ञापन


भाजपा के खिलाफ मैदान में डटने का एलान
मायावती ने कहा, भाजपा को बेनकाब करने के लिए उन्होंने राज्यसभा में स्वयं जाने के बजाय सीधे मैदान-ए-जंग में डटे रहना बेहतर समझा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अलोकतांत्रिक तरीके से विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। पार्टी ने वफादार व कर्मठ व्यक्ति को प्रत्याशी बनाकर हमेशा की तरह उसूलों व सिद्धांतों पर चलने की बात प्रमाणित की है।

भाई को लेकर सफाई, कभी नहीं दूंगी परिवारवाद को बढ़ावा

बसपा सुप्रीमो मायावती व उनके भाई आनंद कुमार - फोटो : amar ujala
मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार को राज्यसभा प्रत्याशी बनाने से जुड़ी खबरों को लेकर सफाई दी। कहा कि आनंद को प्रत्याशी बनाने की खबर बीजेपी एंड कंपनी ने फैलवाई। आनंद पार्टी का राजनीतिक नहीं बल्कि व्यवस्थापन कार्य देखते हैं। पार्टी में परिवारवाद को कभी बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। कुछ विशेष परिस्थितियों को छोड़कर बसपा से जुड़े लोग सर्वसमाज में पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार से अपना योगदान दे सकते हैं। पर, वे कभी सांसद, विधायक व मंत्री आदि नहीं बनाए जाएंगे। आनंद को भविष्य में संसद भेजने का सवाल पैदा नहीं होता।
 
12 मार्च तक दाखिल होंगे नामांकन
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की दस सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए नामांकन पत्र 5 से 12 मार्च तक दाखिल किए जाएंगे। 13 मार्च को इनकी जांच होगी और 15 मार्च तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 23 मार्च को मतदान होगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी।

बता दें कि प्रदेश से राज्यसभा सदस्य विनय कटियार, प्रमोद तिवारी, नरेश अग्रवाल, किरनमय नंदा, दर्शन सिंह यादव, जया बच्चन, मुनकाद अली, चौधरी मुन्नवर सलीम और आलोक तिवारी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
विज्ञापन

59 सीटों के लिए होना है चुनाव

प्रतीकात्मक तस्वीर
दरअसल, राज्यसभा चुनाव 59 सीटों के लिए होना है। इन चुनावों के बाद ऊपरी सदन में भाजपा की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक 10 सीटों के लिए चुनाव होना है।

आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और राजस्थान से तीन-तीन जबकि बिहार व महाराष्ट्र से भी छह-छह सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश से 5-5 सदस्य भी अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। वहीं कर्नाटक, गुजरात से चार-चार और झारखंड से दो सदस्य भी अपना अवधि पूरी करेंगे। छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से भी एक-एक सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें