भातखंडे एलुमिनाई ने किया गुरुओं का सम्मान
लखनऊ। नवगठित भातखंडे एलुमिनाई एसोसिएशन ने सोमवार को राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में पद्मभूषण डॉ. एसएन रातंजनकर की स्मृति में गुरु सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर तीन विभूतियों कथक गुरु डॉ. पूर्णिमा पांडेय, भरतनाट्यम गुरु लक्ष्मी श्रीवास्तव और सितार वादक गुरु अभिनव सिन्हा को गुरु सम्मान से नवाजा। उन्हें स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र, प्रशस्तिपत्र और एक वृक्ष गुरु के नाम के तहत पौधा भेंट किया।
मुख्य अतिथि भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर मांडवी सिंह ने कहा कि गुरु हमें न सिर्फ ज्ञान देते हैं बल्कि सही और गलत की पहचान करना भी बताते हैं। उन्होंने एलुमिनाई एसोसिएशन के सदस्यों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद विद्यार्थियों व कलाकारों ने सरस्वती वंदना हे मात वीणा वादिनी... के उपरांत गुरु वंदना की प्रस्तुति दी। गिरीश चंद्र बहुगुणा की रचना में संगीत संयोजन किया एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. सीमा भारद्वाज ने। डॉ. मीरा दीक्षित ने कथक नृत्य से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच संचालन डॉ. पूनम श्रीवास्तव ने किया।
इस अवसर पर भातखंडे एलुमिनाई एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. सीमा भारद्वाज के अलावा उपाध्यक्ष रमा अरुण त्रिवेदी, सचिव गिरीश चंद्र बहुगुणा, डॉ. मीरा दीक्षित, डॉ. पूनम श्रीवास्तव, संयोजक हेमचंद्र पालीवाल, आलोक पांडेय, राजीव सेनगुप्ता, उषा सिंह, सीता सिंह, शिवराम कृष्णन एवं अभय वर्मा आदि मौजूद रहे।