ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय
लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अब भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईटी रुड़की) की वर्चुअल लैब से जुड़ सकेंगे। इसके लिए दोनों संस्थानों के बीच संबद्धता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए हैं। अब विद्यार्थियों को आधुनिक डिजिटल प्रयोगशाला की सुविधा मिल सकेगी।
वर्चुअल लैब के माध्यम से विद्यार्थी सिमुलेशन आधारित प्रयोग भी कर सकेंगे। इसमें मेडिकल सिम्युलेटर के तहत चिकित्सा छात्रों को शल्य चिकित्सा और अन्य चिकित्सा प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा, वित्तीय सिम्युलेटर के तहत वित्तीय निर्णय लेने के लिए प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा और गणित और विज्ञान सिम्युलेटर के तहत छात्रों को गणित और विज्ञान के अवधारणाओं को समझने में मदद मिल सकेगी। कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने बताया कि यह सहयोग विद्यार्थियों को अत्याधुनिक डिजिटल प्रयोगशाला अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वर्चुअल लैब के नोडल ऑफिसर डॉ. हेमंत कुमार सिंह ने बताया कि इस पहल से विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान अर्जित करने के साथ-साथ तकनीक-संचालित अधिगम के नए अवसर भी मिलेंगे। कुलपति ने बताया कि सिमुलेशन आधारित प्रोग्राम एक तरह का वह प्रोग्राम है जो वास्तविक दुनिया की स्थितियों का अनुकरण करता है। ये प्रशिक्षण शिक्षा, प्रशिक्षण, और अनुसंधान पर आधारित है।