मुजफ्फरनगर की घटना भाजपा की सोची-समझी साजिश का नतीजा है। इन दंगों से देश का सिर शर्म से झुक गया है।
भाजपा गद्दी के लिए गुजरात जैसी घटना यूपी में भी दोहराना चाहती है। सपा सरकार इन्हें रोकने में असफल साबित हो रही है।
यह बातें सोमवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव व पूर्व सांसद एस. सुधाकर रेड्डी ने यहां एक रैली में कही। मुजफ्फरनगर दंगे की सीबीआई जांच की मांग करते हुए रैली में इस पर एक प्रस्ताव भी पास किया गया।
चौक के ज्योतिबाफुले स्टेडियम में आयोजित रैली में केंद्र की यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए महासचिव ने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार में पूरी तरह बदनाम हो चुकी है।
आम आदमी की कमर महंगाई ने तोड़ दी है। बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। गरीब व अमीर के बीच की खाई बढ़ती जा रही है।
इन सबके लिए कांग्रेस की आर्थिक नीतियां जिम्मेदार हैं। अब तक सरकार के सात मंत्री भ्रष्टाचार के आरोप में इस्तीफा दे चुके हैं। कांग्रेस का चेहरा पूरी तरह बेनकाब हो चुका है।
सुधाकर रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस के साथ ही भाजपा के खिलाफ भी देश में गुस्सा है। दोनों की नीतियों में बहुत ज्यादा फर्क नहीं है। ऐसे में अब तीसरे मोर्चे के बारे में बात होने लगी है। इसी के बाद देश की आर्थिक नीतियां बदलेंगी।
अखिल भारतीय किसान सभा के महामंत्री अतुल कुमार अंजान ने कहा, मनमोहन सिंह की आर्थिक नीतियों ने रुपये का बंटाधार कर दिया।
कार्पोरेट व उद्योगपति मालामाल हो रहे हैं और आम जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। सरकार की नीतियों का ही परिणाम है कि देश के 27 हजार किसान आत्महत्या कर चुके हैं।
इससे पहले राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य व राज्य सचिव डॉ. गिरीश ने कहा कि डेढ़ साल में ही प्रदेश सरकार ने जनता का विश्वास खो दिया है। यूपी में श्रम कानूनों का बहुत बुरा हाल है।
बेरोजगारी भत्ता कुछ को मिला जबकि अधिकतर युवा इससे वंचित हैं। लैपटॉप से ज्यादा उसके वितरण समारोह में सरकार पैसा बहा रही है।
उन्होंने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार मोदी पर टिप्पणी करते हुए कहा, मोदी की आंधी को लाल झंडा ही रोकेगा।