अयोध्या में प्रभु श्रीराम की भव्य प्रतिमा के निर्माण के लिए जल्द ही छह विश्व प्रसिद्ध आर्किटेक्ट प्रस्तुतीकरण देंगे। प्रतिमा की कुल ऊंचाई 201 मीटर होगी। यह विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी। इस काम के लिए पर्यटन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल अयोध्या में दीपोत्सव के अवसर पर कहा था कि प्रभु राम के मंदिर निर्माण के लिए भले ही हमें कोर्ट के फैसले का इंतजार करना पड़े, पर अयोध्या को भव्य रूप देने से हमें कोई नहीं रोक सकता।
इसी के तहत योगी सरकार ने अयोध्या में भगवान श्रीराम की विश्व में सबसे ऊंची प्रतिमा बनाने का फैसला किया है। इसके लिए अक्तूबर में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संबंधित विभागों की बैठक भी हो चुकी है।
इसके बाद काम करने के इच्छुक आर्किटेक्ट या उनकी फर्म से एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (ईओआई) मांगे गए। कुल आठ फर्म ने ईओआई लेटर दिए। इनमें से छह को प्रस्तुतीकरण के लिए चुना गया है। इनमें से एक आर्किटेक्ट फर्म सिंगापुर की है।
प्रतिमा की कुल ऊंचाई 201 मीटर होगी। इसमें 50 मीटर का पेडस्टल होगा, जबकि 151 मीटर की प्रतिमा होगी। प्रतिमा के ठीक नीचे पौराणिक कथाओं पर आधारित म्यूजियम होगा। जब ईओआई मांगे गए थे, तो 151 मीटर ऊंची प्रतिमा बनाने की योजना थी।
इसमें 43 मीटर का पेडस्टल और 108 मीटर की प्रतिमा का निर्माण प्रस्तावित था। शासन के सूत्रों के मुताबिक, ऊंचाई को लेकर फैसला बदले जाने से आर्किटेक्ट के लिए नए सिरे से ईओआई आमंत्रित करने पड़ेंगे।
यह इसलिए भी जरूरी है ताकि कोई इस मुद्दे को लेकर कोर्ट में न जाए और निर्माण कार्य तेजी से हो सके। इंजीनियरों के मुताबिक, 151 मीटर ऊंची प्रतिमा की अनुमानित लागत 800 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन ऊंचाई बढ़ जाने से यह बजट 3000 करोड़ रुपये को पार कर जाएगा।