लखनऊ। देर से परिवार शुरू करना, मानसिक तनाव, अस्वस्थ जीवनशैली, मोटापा और थायराइड से बांझपन की समस्या बढ़ रही है। गर्भधारण के लिए 22 से 30 वर्ष की आयु सबसे उपयुक्त है। कानपुर रोड स्थित होटल में हुए टेस्ट ट्यूब बेबी मीट में विशेषज्ञों ने ये जानकारी दी।
डॉ. गीता खन्ना ने बताया कि अगर बांझपन है तो चिकित्सीय सलाह लेनी चाहिए। सही चिकित्सकीय सहयोग से माता-पिता बना जा सकता है। उन्होंने आधुनिक तकनीकों जैसे एआई आधारित एम्ब्रियो ग्रेडिंग, सीमेन एनालिसिस, व्यक्तिगत उपचार योजना, माइक्रोफ्लूडिक्स स्पर्म सॉर्टिंग, प्री-इम्प्लांटेशन जेनेटिक स्क्रीनिंग और क्रायोप्रिजर्वेशन की जानकारी दी।