केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा कि भारत इस्पात उत्पादन के क्षेत्र में चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
जब उन्होंने मंत्रालय संभाला था तो यह पांचवें स्थान पर था। इस्पात मंत्रालय यूपी में एक दर्जन स्थानों पर फैक्ट्रियां लगाने जा रहा है।
एक फैक्ट्री पर 100 करोड़ रुपये की लागत आएगी। जगदीशपुर व गोंडा में 500-500 मेगावाट क्षमता के दो बिजली प्लांट भी लगाए जा रहे हैं। इन सबमें हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।
बेनी सोमवार को यहां राष्ट्रीय उपभोक्ता परिषद की 24वीं बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, वर्ष 2010-11 में स्टील का उत्पादन 78 मिलियन टन था। यह अब बढ़कर 97 मिलियन टन पहुंच गया है।
भारत गुणवत्ता के मामले में शीर्ष 10 इस्पात उत्पादक देशों की श्रेणी में दूसरा स्थान रखता है। 2025 तक देश में इस्पात की उत्पादन क्षमता 300 मिलियन टन करनी है। इसके लिए काफी अधिक मात्रा में कोयले की जरूरत होगी। हाल ही में न्यूजीलैंड से कोयले के आयात पर बात हो गई है।
मंत्री ने बताया कि बाराबंकी, लखीमपुर, हरदोई, झांसी, कैसरगंज, मिर्जापुर, अंबेडकर नगर और बहराइच में एक-एक फैक्ट्री लगाई जा रही है। गोंडा में दो फैक्ट्री लगाने का निर्णय भी हो गया है।
प्रत्येक फैक्ट्री 100 करोड़ रुपये से लगाई जाएगी। रायबरेली में व्हील प्लांट, जगदीशपुर में 13000 टन सालाना उत्पादन वाली एक स्टील यूनिट लगाई जा रही है। गोरखपुर व गोंडा में स्टाकयार्ड भी बनाए जा रहे हैं।
परिषद के सदस्यों ने डीलरशिप नेटवर्क का विस्तार करने की बात कही। सदस्यों ने कहा, अभी ग्रामीण क्षेत्रों में इस्पात की कम खपत हो रही है। इसका मार्केट बढ़ाने की जरूरत है। अभी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां इस्पात आपूर्ति और अच्छी तरह होनी चाहिए।