सेवा के दौरान मौत होने पर कर्मचारी के आश्रितों को अब पारिवारिक पेंशन का लाभ सात के बजाय दस साल तक मिलेगा।
यही नहीं, उसे वेतन समिति 2008 की संस्तुतियों के अनुसार बढ़ी हुई दरों का भी लाभ मिलेगा।
प्रमुख सचिव वित्त राहुल भटनागर ने इसका शासनादेश जारी कर दिया है।
शासनादेश के मुताबिक ऐसे सरकारी कर्मचारी जिनकी सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती है, उनके आश्रित को मृत्यु की तारीख से 10 वर्ष की अवधि तक बढ़ी हुई दरों पर पारिवारिक पेंशन मिलेगी।
इसके लिए कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं होगी। यह व्यवस्था एक जनवरी 2006 के पूर्व दिवंगत हुए कर्मियों के मामले में भी लागू होगी, बशर्ते एक जनवरी 2006 को सामान्य दरों पर पारिवारिक पेंशन शुरू न हो गई हो।
हालांकि बढ़ी हुई दरों पर पारिवारिक पेंशन का लाभ कर्मचारी की मृत्यु की तिथि से सात वर्ष अथवा पेंशनर की 67 वर्ष की उम्र होने तक मिलेगी।
प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया है कि ऐसे प्रकरण जिनमें पूर्व व्यवस्था के अनुसार बढ़ी हुई दरों पर पारिवारिक पेंशन बंद कर एक जनवरी 2006 से सामान्य दरों पर पारिवारिक पेंशन शुरू हो चुकी है, इस आदेश का असर नहीं पड़ेगा।