लखनऊ के आशियाना इलाके में हत्या करके कस्टम अधीक्षक के प्लॉट में फेंका गया शव आजमगढ़ के रहने वाले ठेकेदार सुनील मौर्या का था, जो 11 साल से परिवार के साथ देहरादून में रह रहा था। पति से नाता तोड़कर ब्यूटी पार्लर में काम करने वाली युवती नेहा राठौर से उसका प्रेमप्रसंग था।
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कॉलोनी में बीडीओ के मकान में किराए पर रह रही युवती ने भाई व साथियों की मदद से बृहस्पतिवार रात उसका कत्ल किया था। शव ठिकाने लगाने के बाद युवती ने ठेकेदार पर नौकरी के नाम पर भाई व उसके तीन दोस्तों से नौ लाख की ठगी व छेड़खानी का केस दर्ज कराने की साजिश रची थी। पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़कर युवती को गिरफ्तार किया। उसके भाई और साथियों की तलाश में दबिश देने के साथ मकान मालिक बीडीओ को हिरासत में लिया गया है। उत्तराखंड से आई पत्नी ने शव की शिनाख्त की।
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि आशियाना के सेक्टर-एच स्थित बसंत विहार कॉलोनी में हत्या करके कस्टम अधीक्षक एसके रक्षित के प्लॉट में फेंके गए शव की शिनाख्त व कातिलों की तलाश में जुटी पुलिस के शक की सुई कॉलोनी के तीन घरों पर टिकी थी। छानबीन में तय हो गया था कि प्लॉट से सटे निर्मल पीसी भिलवारिया के मकान की छत से शव फेंका गया था। छत पर खून से सना कपड़ा व दो निशान मिले थे।
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पुलिस टीम ने सूचना देने वाले जय सिंह, बाबा भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के रिटायर्ड सहायक कुलसचिव निर्मल पीसी भिलवारिया और उनके मकान से सटे अजय सिंह के यहां तहकीकात की। पता चला कि रायबरेली के रोहरिया में तैनात बीडीओ अजय सिंह के मकान के प्रथम तल पर किराए पर रहने वाली युवती तीन दिन से गायब है। अजय सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ में खुलासा हुआ कि कानपुर की मूल निवासी नेहा राठौर करीब दो महीने से किराए पर रह रही थी। वह शुक्रवार सुबह अपने कमरे पर ताला लगाकर चली गई है।
युवती का नाम सामने आते ही जुड़ने लगीं कड़ियां
- फोटो : amar ujala
कानपुर की नेहा राठौर का नाम सुनते ही एसओ आशियाना राजकरन शर्मा को याद आया कि नेहा ने शुक्रवार को सुनील मौर्या नामक व्यक्ति पर उसके भाई मनीष राठौर व उसके तीन दोस्तों से नौकरी के नाम पर नौ लाख की ठगी और शराब के नशे में दुष्कर्म की कोशिश का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी, लेकिन डॉक्टरी मुआयने की बात सुनकर लौट गई।
आनन-फानन में तहरीर ढूंढकर नेहा का नंबर डायल किया। मोबाइल बंद होने पर कॉल डिटेल खंगाला। आखिरी लोकेशन कानपुर में था। कॉल डिटेल से उसके मायके वालों की जानकारी करके पुलिस ने कानपुर के कल्यानपुर थाने के बारा सिरोही स्थित नेहा के मायके में दबिश देकर गिरफ्तार किया।
ऐसे हुई ठेकेदार की शिनाख्त
एएसपी सिटी उत्तरी अनुराग वत्स की सर्विलांस सेल के कांस्टेबल नौशाद अहमद खान, गोविंद, अफसार आलम, अमित यादव व रामशंकर चौधरी की टीम ने नेहा का कॉल डिटेल खंगालने के साथ ठेकेदार सुनील मौर्या का मोबाइल नंबर ट्रेस किया। उसके कॉल डिटेल से पत्नी पुष्पा मौर्या का नंबर खोजकर कॉल की। सोशल साइट से शव व बैग का फोटो भेजा।
पुष्पा ने उसे पहचाना और परिवारीजनों के साथ रविवार तड़के लखनऊ पहुंची। बताया कि सुनील रक्षाबंधन से एक दिन पहले गृहमंत्री से काम की बात कहकर निकला था। उसने कहा था कि मंत्री की रिश्तेदार ममता ने ठेके के दस्तावेज दुरुस्त कराने के लिए बुलाया है।
पत्नी बोली, प्रेमजाल में फंसाकर मार डाला
सुनील मौर्या
- फोटो : amar ujala
देहरादून से आई पुष्पा सिंह ने बताया कि परिवार में दो बेटे पीयूष व प्रिंस हैं। वह पति व दोनों बेटों के साथ 2006 से देहरादून में रह रही थी। ठेके के सिलसिले में सुनील का अक्सर लखनऊ, कानपुर व अन्य जिलों में आना-जान रहता था। इस दौरान नेहा से उसकी मुलाकात हुई। लेखपाल पति संजीव राठौर से संबंध विच्छेद का मुकदमा लड़ रही नेहा ने सुनील को प्रेमजाल में फंसा लिया।
पुष्पा ने कहा कि सुनील उस पर रकम लुटाता था। मृत्युंजय नामक व्यक्ति ने उसे पुष्पा व सुनील के संबंधों की जानकारी दी थी। इसे लेकर पति से नाराजगी जताई, लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद राजेश मौर्या ने जानकारी दी कि सुनील ने नेहा से शादी कर ली है और आशियाना में किराए का मकान दिलाया है। नेहा को पति से तलाक के केस का फैसला होने का इंतजार है।
हत्थे चढ़ी युवती अकेले शव ठिकाने लगाने के सवाल पर लड़खड़ाई
आशियाना पुलिस ने ब्यूटी पार्लर में काम करने वाली नेहा राठौर को गिरफ्तार करके ठेकेदार सुनील मौर्या की हत्या का खुलासा तो कर लिया, लेकिन हत्या की असल वजह की तहकीकात जारी है। इसके लिए नेहा व उसके भाई मनीष राठौर के साथ मकान मालिक बीडीओ अजय सिंह का भी कॉल डिटेल खंगाला जा रहा है। ठेकेदार सुनील मौर्या की हत्या व शव ठिकाने लगाकर कानपुर स्थित मायके में छिपी नेहा राठौर ने संदेह के घेरे में आए भाई व अन्य साथियों को बचाने की कोशिश की।
बोली कि सुनील से दोस्ताना संबंध थे। बड़े नेताओं से पहचान की बात कहकर उसने भाई मनीष और उसके तीन दोस्तों को नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर नौ लाख रुपये लिए थे। वह बृहस्पतिवार रात नशे में धुत होकर आया। शादी का दबाव बनाते हुए छेड़खानी करने लगा। इस पर उसके सिर पर डंडे से दो बार जोरदार वार किए। बेसुध होकर गिरा तो दोनों पैरों को सेलो टेप व साड़ी से बांधा। हाथ पर पाइप कसा और पड़ोसी की छत पर ले जाकर प्लॉट में झाड़ियों के बीच फेंक आई थी।
अकेले हत्या करने की बात पुलिस की पकड़ में आई
- फोटो : amar ujala
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि नेहा राठौर द्वारा दोहरे बदन के सुनील मौर्या की अकेले ही हत्या करके शव ठिकाने लगाने की कहानी पुलिस के गले नहीं उतरी। सीओ तनु उपाध्याय ने महिला पुलिसकर्मियों की मदद से सख्ती से पूछताछ की। इस पर उसने अपने भाई मनीष व उसके तीन दोस्तों के नौ लाख लेने की कहानी सुनाई लेकिन वारदात में शामिल होने से इन्कार करने लगी।
मकान के प्रथम तल पर हत्या से खुद को बेखबर बता रहे बीडीओ अजय सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ के साथ उनका कॉल डिटेल खंगाला जा रहा है। पुलिस को शक है कि मायके में छिपी नेहा अपने मकान मालिक से फोन पर पुलिस की गतिविधियों की जानकारी ले रही थी। हत्या व शव ठिकाने लगाने में भी मकान मालिक की संलिप्तता को लेकर तहकीकात की जा रही है।
मकान मालिक से करीबी तो नहीं कत्ल की वजह
हत्थे चढ़ी नेहा राठौर ने बयान दिया कि नशे में धुत होकर घर आए सुनील ने शादी का दबाव बनाया। इस पर उसने डंडे से हमला करके मार डाला। सुनील से कई महीने से प्रेमप्रसंग के बावजूद शादी की बात पर हत्या कर देना पुलिस के गले नहीं उतरा। इस पर नेहा ने भाई मनीष व उसके तीन दोस्तों से नौकरी के नाम पर नौ लाख की ठगी की बात कही, लेकिन यह कहानी भी पुलिस को खटकी।
मकान मालिक अजय सिंह से पूछताछ में पुलिस को शक हुआ कि उससे नेहा की करीबी ही तो हत्या की वजह नहीं। दरअसल, सुनील मौर्या के पैरों पर कसी साड़ी कब्जे में लेकर आसपास के लोगों से उसकी पहचान कराने की कोशिश की। एक व्यक्ति ने जानकारी दी कि अजय सिंह के मकान में किराए पर रहने वाली युवती को वह साड़ी पहन कर निकलते देखा था, जबकि अजय सिंह ने साड़ी पहचाने से इन्कार किया।
पुलिस को शक है कि बृहस्पतिवार रात नशे में धुत होकर नेहा से मिलने पहुंचे सुनील मौर्या को प्रेमिका की मकान मालिक से करीबी का पता चला। इसे लेकर दोनों में नोकझोंक हुई और सुनील की हत्या कर दी गई। हत्या व शव ठिकाने लगाने में मकान मालिक की संलिप्तता की आशंका के चलते गहन छानबीन की जा रही है।
सत्यापन न कराने को लेकर पूछताछ
एसओ आशियाना ने मकान मालिक अजय सिंह से दो महीने से किराए पर रह रही युवती का सत्यापन न कराने को लेकर पूछताछ की। सवाल किया कि सरकारी अधिकारी होने के बावजूद सत्यापन को गंभीरता से क्यों नहीं लिया। युवती ने किसके माध्यम से उनसे मकान किराए पर लेने के लिए संपर्क किया था?
अजय सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ होते देख पत्नी मीना सिंह घर पर ताला लगाकर करीबी रिश्तेदार के यहां चली गईं। एसओ का कहना है कि कई बिंदुओं पर गहन छानबीन की जा रही है। कत्ल से जुड़े अन्य राज जल्द ही उजागर हो जाएंगे।