दादरा और ठुमरी सम्राज्ञी बेगम अख्तर का जन्म 7 अक्टूबर को फैजाबाद में हुआ था। उनका उर्दू का उच्चारण बेहद साफ और आवाज खनकती हुई थी। मशहूर गजल ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया के अलावा बेगम अख्तर ने संगीत प्रेमियों को गजलों की कीमती विरासत सौंपी है। माना जाता है कि उनकी आवाज में जो दर्द झलकता था उसे संगीत प्रेमी खुद दिल से महसूस कर सकते थे।
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बेगम अख्तर
बेगम अख्तर को सिगरेट की लत थी और वह शराब की भी शौकीन थीं। उनकी शिष्या शांति हीरानंद के मुताबिक उन्हें सिगरेट की इतनी लत थी कि रमजान के दौरान इफ्तार करते वक्त जल्दी-जल्दी नमाज पढ़तीं और एक कप चाय पीने के बाद तुरंत सिगरेट सुलगा लेतीं। जब दो सिगरेट फूंक लेती उसके बाद जाकर फिर आराम से बैठकर नमाज पढ़तीं।
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begum akhtar
चेन स्मोकर बेगम अख्तर ने सिगरेट की लत के चलते पाकीजा फिल्म छह बार देखी। वह हॉल में पाकीजा फिल्म देखने गई इस दौरान उन्हें तलब लगी। हॉल में सिगरेट पीने की अनुमति नहीं थी इसलिए उन्हें बाहर जाकर सिगरेट पानी पड़ती।
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begum akhtar
इस दौरान फिल्म का कुछ न कुछ हिस्सा छूट जाता जिसके चलते वह अगले दिन फिल्म का वो हिस्सा देखने आतीं और सिगरेट के चक्कर में दूसरा हिस्सा छूट जाता। इस तरह पाकीजा फिल्म वह छह बार में पूरी देख पाई थीं।
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बेगम अख्तर
- फोटो : amar ujala
बेगम अख्तर को उनकी गायिकी के लिए ढेरों पुरस्कार मिले। उनकी याद में यूपी सरकार भी हर साल बेगम अख्तर पुरस्कार देती है जो कि ऐसे गायकों को दिया जाता है, जिसने ठुमरी व गजल गायकी में विशेष योगदान दिया हो।
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जिगर मुरादाबादी
कहा जाता है कि उर्दू के मशहूर शायर जिगर मुरादाबादी बेगम अख्तर के करीबी दोस्त थे। उनके बीच खूब हंसी-मजाक भी होता था। बेगम अख्तर की शिष्या शांति हीरानंद बताती हैं कि बेगम जिगर मुरादाबादी को सबके सामने खूब छेड़ती थीं। एक बार बेगम ने जिगर से कहा, कितना अच्छा हो कि हमारी शादी आपसे हो जाए। हमारे बच्चे तो कमाल के होंगे, मेरी आवाज और आपकी शायरी दोनों का मेल। पढ़ें जिगर मुरादाबादी का जवाब...