मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सप्ताह भर में केजीएमयू और बलरामपुर में 4000 बेड बढ़ाने का निर्देश दिया था। इसी तरह अन्य अस्पतालों को मिलाकर करीब 2000 और डीआरडीओ की ओर से 1000 बेड बढ़ाने का दावा किया गया था। इसके बाद भी अभी तक केजीएमयू, पीजीआई, लोहिया संस्थान, एरा मेडिकल कॉलेज सहित अन्य अस्पतालों में पर्याप्त बेड की संख्या बढ़ाई नहीं जा सकी है। सिर्फ कागजी दावे किए जा रहे हैं।
मैन पावर बनी समस्या
चिकित्सा संस्थानों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि शासन की ओर से बेड बढ़ाने का निर्देश दे दिया गया है, लेकिन मैन पावर की कमी से वे खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। बड़ी संख्या में चिकित्सा संस्थानों के कर्मचारी पॉजिटिव हो गए हैं। ऐसे में उनसे ड्यूटी नहीं ली जा सकती। आपात स्थिति में बिना टेंडर प्रक्रिया अपनाए मैन पावर लेने का भी निर्देश दिया गया है, लेकिन संस्थानों को प्रशिक्षित मैन पावर नहीं मिल पा रही है। इस वजह से बेडों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ाई जा रही है।
महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ डी एस नेगी का कहना है कि बेड की स्थिति और अस्पतालों में नए बेड बढ़ाने को लेकर प्रतिदिन रणनीति बनाई जा रही है। कई निजी अस्पतालों को भी शामिल कर लिया गया है। कुछ में भर्ती शुरू हो गई है। चिकित्सा संस्थान भी लगातार बेडों की संख्या चरणबद्ध तरीके से बढ़ा रहे हैं। मैन पावर की समस्या दूर करने का प्रयास हो रहा है। अगले सप्ताह तक पर्याप्त बेड हो जाएंगे।
लेवल-थ्री चिकित्सा संस्थानों की स्थिति
संस्थान -- कुल बेड -- आईसीयू
एसजीपीजीआई -- 304 -- 102
केजीएमयू -- 520 -- 427
लोहिया संस्थान -- 200 -- 30
एरा कॉलेज -- 350 -- 35