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गार्ड की मौत से नाराज लोगों ने डॉक्टर के केबिन में घुसकर की अभद्रता, पीटा और भाग गए

Tue, 17 Sep 2019 03:16 PM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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उत्तर रेलवे के लखनऊ में आलमबाग स्थित इंडोर अस्पताल में सोमवार दोपहर मालगाड़ी के गार्ड की मौत से नाराज 12 से अधिक लोगों ने डॉक्टर के केबिन में घुसकर अभद्रता की। डॉक्टर को पीटा और भाग गए। इससे नाराज अस्पताल प्रशासन ने कामकाज ठप कर दिया और आलमबाग थाने में एफआईआर दर्ज करवाई।
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फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। जबकि रेलवे यूनियन ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। आलमबाग के रामनगर में रहने वाले रोहित बरुवा रेलवे में मृतक आश्रित कोटे से मालगाड़ी के गार्ड की सेवा दे रहे थे।

गत छह सितंबर को गार्ड रोहित बरुआ के पैर पर मूर्ति गिर गई थी। जिससे पैर में सूजन आ गई तो वह इंडोर अस्पताल गए। जहां पैर पर कच्चा प्लास्टर बांध दिया गया। 12 को रोहित की तबीयत अचानक बिगड़ी तो उन्हें रेलवे अस्पताल लाया गया, जहां उनका बीपी कम हो गया तथा सेप्टीसीमिया भी हो गया।
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यहां से उन्हें अजंता अस्पताल रेफर किया गया और वहां से उन्हें अपोलो अस्पताल भेज दिया गया। रुपये नहीं होने के कारण डीआरएम ने गार्ड का कैशलेस इलाज करवाया। सोमवार सुबह रोहित की मौत हो गई।  इस पर उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन ने रेलवे डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया और डीआरएम से जांच की मांग की है।
 
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने कहा, नहीं हुआ गलत इलाज

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दूसरी ओर, रोहित की मौत से नाराज परिवारीजनों ने सोमवार दोपहर करीब एक बजे दर्जनभर साथियों के साथ इंडोर अस्पताल पहुंचे और डॉ. शिशिर रस्तोगी के चेंबर में घुस गए।  पहले कहासुनी हुई, फिर लोगों ने डॉक्टर की पिटाई कर दी। इससे नाराज अस्पताल कर्मचारियों ने आरपीएफ को सूचना दी और कामकाज ठप कर दिया।

मौके पर पहुंची आरपीएफ की टीम ने मामले की जांच कर स्थानीय आलमबाग पुलिस को मौके पर बुलाया। वहीं, डीआरएम संजय त्रिपाठी भी अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गए। आलमबाग पुलिस ने पीड़ित डॉक्टर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

डीआरएम ने संभाला मोर्चा
डीआरएम संजय त्रिपाठी ने अस्पताल के नाराज कर्मचारियों को समझा-बुझाकर शांत करवाया। इसके बाद अस्पताल का कामकाज शुरू हो सका। इसके बाद मृतक गार्ड के घर गए और शोकग्रस्त परिवारीजनों को ढांढस बंधाया। साथ ही कर्मचारियों की नौकरी से जुड़े सभी देयों को जल्द से जल्द निस्तारित करवाने की प्रक्रिया भी शुरू करवा दी। वहीं मृतक के परिवारीजनों का पक्ष जानने के लिए सगी बहन निरुपमा से कई बार बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन बहन व परिवारीजनों ने इन्कार कर दिया ।

रेलवे इनडोर अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक विश्व मोहिनी सिन्हा ने कहा कि फुटेज देखने के बाद मालूम चला कि 12 से अधिक लोग अस्पताल में आए और बेवजह डॉक्टर को मारा पीटा। मृतक रोहित ज्वर, डायरिया व डिहाइड्रेशन से ग्रसित हालत में अस्पताल आया था। जिसे भर्ती कर उचित उपचार दिया जा रहा था, लेकिन मृतक का ब्लड प्रेशर स्थिर नहीं हो रहा था। इसलिए परिवारीजनों की इच्छा पर उन्हें अजंता अस्पताल भेज दिया गया। वहीं, आलमबाग पुलिस का कहना है कि पीड़ित डॉक्टर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर फुुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
 
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