लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) की अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका एन्वॉयरमेंटल सस्टेनेबिलिटी ने 4.6 का इंपैक्ट फैक्टर हासिल किया है। यह उपलब्धि क्लैरिवेट की ओर से जारी नवीनतम जर्नल सिटेशन रिपोर्ट में दर्ज की गई है। प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा इसके प्रधान संपादक हैं, जिनके निर्देशन में पत्रिका ने प्रकाशन के आठ वर्ष पूरे किए हैं।
कुलपति राज कुमार मित्तल ने कहा कि अकादमिक जगत में 4.0 से अधिक इंपैक्ट फैक्टर शोध पत्रिका की गुणवत्ता और वैज्ञानिक प्रभाव का संकेत है। यह उपलब्धि पत्रिका को भारत के पर्यावरण एवं जैविक विज्ञान विषयक प्रमुख शोध प्रकाशनों में से एक बनाती है। कुलपति ने कहा कि यह पत्रिका पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास से जुड़े विषयों पर शोध को बढ़ावा दे रही है और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप शोध को प्रोत्साहित करने में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण है।
प्रो. अरोड़ा ने कहा कि एक नया शोध जर्नल स्थापित करना चुनौतीपूर्ण होता है। इसके बावजूद टीम ने गुणवत्तापूर्ण शोध और प्रभावी संपादकीय नीति के कारण इस पत्रिका को वैश्विक पहचान दिलाई। यह शोध पत्रिका पर्यावरण एवं जैविक विज्ञान से संबंधित उच्च गुणवत्ता वाले लेख प्रकाशित करती है।