बीबीएयू परिसर में तैयार होगा माइक्रो फॉरेस्ट, 5500 पौधे लगाए जाएंगे
लखनऊ। बीबीएयू में वर्ल्ड वेटलैंड डे पर मंगलवार को पर्यावरण विज्ञान विभाग और कोर ग्रीन ग्रुप की ओर से वेटलैंड कंजर्वेशन ड्राइव एवं रेस्टोरेशन ड्राइव की शुरुआत हुई। इस मौके पर कुलपति प्रो. संजय सिंह ने कहा कि परिसर में वन विभाग की मदद से माइक्रो फॉरेस्ट विकसित किया जाएगा। इसके लिए यहां 5500 पौधे रोपे जाएंगे।
मुख्य अतिथि डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर डॉ. रवि सिंह ने बताया कि ईरान के रामसर सिटी में वर्ष 1971 से वेटलैंड कंजर्वेशन की ड्राइव की शुरुआत हुई थी। प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में इनका विशेष योगदान होता है। इसलिए हम सभी को, खास तौर से इस क्षेत्र में शोध कर रहे विद्यार्थियों को इसके संरक्षण के लिए जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है।
कुलपति ने विवि में इससे जुड़ा तंत्र विकसित करने में विद्यार्थियों से योगदान करने को कहा। उन्होंने कहा कि शोध छात्रों को प्रयोगशाला से बाहर आकर प्रकृति के बीच में रहकर काम करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही विलुप्त हो रहे जंगलों, पक्षियों, नदियों व तालाबों के संरक्षण के लिए काम करेंगे। डॉ. वेंकटेश दत्ता ने बताया कि विवि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के क्षेत्र में देश में अलग स्थान रखता है क्योंकि दो तिहाई परिसर हरा-भरा है। यहां कई प्रकार के जीव-जंतु भी रहते हैं।
इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. आरपी सिंह, प्रो. नवीन कुमार अरोरा, प्रो. एसके द्विवेदी, प्रो. आरबी राम, डॉ. आरएस वर्मा, डॉ. मनोज डडवाल, डॉ. नरेंद्र उपस्थित थे। इससे पहले विद्यार्थियों ने परिसर स्थित वेटलैंड क्षेत्र का निरीक्षण किया और इस क्षेत्र को विकसित करने पर चर्चा हुई।