फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ के इस सेंट्रल यूनिवर्सिटी के वीसी ने कर दिया कारनामा, अब होगी कार्रवाई

Thu, 07 Jun 2018 11:25 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन
बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरसी सोबती के पूरे वेतन के साथ पंजाब यूनिवर्सिटी से जारी हो रही पेंशन का लाभ लेने का मामला सामने आया है।
विज्ञापन


मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उपसचिव सूरत सिंह ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को 4 जून को पत्र लिखकर कहा है कि प्रो. सोबती इसके लिए पात्र नहीं हैं। लिहाजा उनकी नियुक्ति से वेतन का पुनर्निर्धारण कर रिकवरी की जाए। हालांकि कुलपति प्रो. सोबती का कहना है कि उन्होंने मंत्रालय के निर्देशानुसार ही भुगतान लिया है।

पत्र में कहा गया है कि कुलपति प्रो. सोबती के पूरा वेतन व पेंशन लेने के मामले में कई शिकायतें मिलीं। इसका डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक ग्रीवांस एंड ट्रेनिंग के साथ मिलकर पुनर्परीक्षण किया गया। डीओपीटी ने साफ किया है कि ऐसे पेंशनर जिन्हें 55 वर्ष या सेवानिवृत्ति के बाद पुनर्नियुक्ति दी गई है, उन्हें पेंशन की रकम काटकर वेतन दिया जाएगा।
विज्ञापन


यूजीसी ने भी प्रो. सोबती को कोई विशेष छूट नहीं दी है। ऐसा बीबीएयू के नियमों में भी नहीं है। लिहाजा उन्हें दिया जाने वाला वेतन, भत्ता व एचआरए केंद्र की ओर से तय किया जाएगा।
विज्ञापन

ऑडिट आपत्ति में भी आया था मामला

RC SOBTI - फोटो : amar ujala
प्रो. सोबती द्वारा एक साथ पूरा वेतन व पेंशन लेने के मामले में वर्ष 2016 में ऑडिट आपत्ति भी हुई थी। मगर विवि प्रशासन ने 4 नवंबर 2013 के पत्र का हवाला देते हुए ऑडिट आपत्ति को गलत बताया था। इसके बाद ऑडिट विभाग ने इस आपत्ति को निस्तारित कर दिया था। अब वित्त अधिकारी ने कुलपति से यह पूछा है कि इस मामले में हुए अतिरिक्त भुगतान मामले में क्या करेंगे?

बॉम और एफओ पर हो सकती है कार्रवाई
पिछले दिनों यूजीसी की एकेडमिक कम ऑडिट टीम विवि आई थी। यूजीसी ने इस टीम की रिपोर्ट की कॉपी विवि को भेजते हुए टीम की संस्तुतियों को प्रभावी कर 20 दिन में जवाब मांगा है। इस क्रम में विवि प्रशासन ने 8 जून को बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (बॉम) की बैठक बुलाई है। टीम की संस्तुतियों में रजिस्ट्रार व वित्त अधिकारी के आपसी खींचतान के मामले का निस्तारण भी था। सूत्रों के अनुसार रजिस्ट्रार सुनीता चंद्रा को पहले ही हटाया जा चुका है, अब एफओ पर भी कार्रवाई हो सकती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें