पत्थरों से निकाले सूक्ष्मजीव, 20 फीसदी बढ़ा फसल उत्पादन
बीबीएयू के पर्यावरण विज्ञान विभाग की खोज
माई सिटी रिपोर्टर
बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के पर्यावरण विज्ञान विभाग ने महाराष्ट्र के अहमदनगर स्थित रालेगढ़ सिद्धि गांव के पथरीले इलाकों से एकत्र पत्थर के टुकड़ों से फसल उत्पादन वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण सूक्ष्मजीवों की खोज की है। इन सूक्ष्मजीवों के प्रयोग से फसल उत्पादन में लगभग 20 फीसदी तक की वृद्धि हुई है।
विभाग के प्रो. राणा प्रताप सिंह व उनके शोध छात्रों पवन कुमार यादव व रोली मिश्रा ने उक्त इलाके से एकत्र पत्थर के टुकड़ों में लगी मिट्टी से 21 सूक्ष्मजीव निकाले। इसमें दस जीवाणु और 11 फफूंद समूह के थे। इन सूक्ष्मजीवों की पहचान बैसिलस स्यूडोमोनास और पैनोक्रोबैक्टर जीवाणु के रूप में की। इन सूक्ष्मजीवों में फसलों की वृद्धि और विकास के महत्वपूर्ण गुण मिले। इनमें सूखा, मिट्टी की विषाक्ता और खारेपन को सहने की काफी क्षमता है। इन्हें गोबर और गुड़ से बनाए गए कणिकाओं में डालकर गेहूं उगाने में प्रयोग किया गया तो उसमें 20 फीसदी तक की वृद्धि हुई। प्रो. सिंह ने कहा कि इन सूक्ष्मजीवों में रासायनिक कृषि रोगनाशियों की उपस्थिति में भी पौधों की उपज बढ़ाने व उनकी विषाक्तता को कम करने का काम करते हैं। कार्बनिक वाहक में डाल देने से इनकी कार्यक्षमता रासायनिक खाद से बेहतर पाई गई। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह जैविक फॉर्मूला कम लागत में फसलों के जैविक उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देगा।