फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीबीएयू: पांच साल बाद मिले नियमित रजिस्ट्रार व परीक्षा नियंत्रक

विज्ञापन
बीबीएयू को मिले नियमित रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रक। (फोटो ः प्रतीकात्मक) - फोटो : ??? ?????
विज्ञापन
बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) को लगभग पांच साल बाद नियमित रजिस्ट्रार व परीक्षा नियंत्रक और करीब चार साल बाद नियमित वित्त अधिकारी मिला है।
विज्ञापन

इसके साथ ही विवि के नए मेडिकल ऑफिसर के पद भी तैनाती को बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (बॉम) ने हरी झंडी दे दी। रविवार को कुलपति प्रो. संजय सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन पर मुहर लगी।
विवि प्रशासन के अनुसार, रजिस्ट्रार के पद पर बीएचयू के ज्वॉइंट रजिस्ट्रार डॉ. अश्वनी कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक के पद पर बुंदेलखंड इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (बीआईईटी) झांसी के प्रो. विक्रम सिंह यादव, वित्त अधिकारी के पद पर हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल यूनिवर्सिटी श्रीनगर के ज्वॉइंट रजिस्ट्रार डॉ. अजय कुमार मोहंती की नियुक्ति की गई है।
विज्ञापन

ये सभी अधिकारी डेपुटेशन पर पांच वर्ष के लिए या 62 की आयु पूरी करने तक के लिए नियुक्त किए गए हैं।
मालूम हो कि विवि में जनवरी 2017 में तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक प्रो. संजय मिश्रा के जाने के बाद इसका काम अब तक वरिष्ठ शिक्षक ही प्रभारी के रूप में देख रहे हैं।
उनके जाने के बाद पहले प्रो. बीएन दुबे और फिर प्रो. मनीष वर्मा, प्रो. कमान सिंह की तैनाती की गई। वर्तमान में इस पद पर प्रो. रिपु सूदन सिंह काम देख रहे हैं।
पांच साल से अधिक समय के बाद विवि को नियमित परीक्षा नियंत्रक मिला है। इसी तरह पूर्व कुलपति प्रो. आरसी सोबती के समय में तत्कालीन रजिस्ट्रार सुनीता चंद्रा को अक्तूबर 2017 में हटाया गया था। इसके बाद रजिस्ट्रार का काम प्रो. आरबी राम को दिया गया।
उनके बाद प्रो. एस विक्टर बाबू ही प्रभारी के रूप में रजिस्ट्रार का काम देख रहे हैं। लगभग पांच साल बाद इस पद पर नियमित नियुक्ति हुई है।
इसी क्रम में प्रो. सोबती ने अपने कार्यकाल के आखिरी समय में 13 अगस्त 2018 को वित्त अधिकारी रमाशंकर सिंह को निलंबित कर दिया था। इसके बाद डीआर को इसका चार्ज दिया गया।
कुछ दिनों की कानूनी लड़ाई के बाद रमाशंकर सिंह का निलंबन तो वापस किया गया, लेकिन उन्हें चार्ज नहीं दिया गया। वर्तमान में इसका काम प्रो. सनातन नायक देख रहे हैं।
इस तरह इस पद पर भी लगभग चार साल बाद नियमित नियुक्ति हुई है। पूर्व में कार्यवाहक कुलपति प्रो. एनएमपी वर्मा के समय में इन पदों को भरने की कवायद की गई थी, लेकिन पूरी नहीं हो पाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें