सीमा विस्तार के बाद 88 गांव तो नगर निगम सीमा में शामिल हो गए हैं, लेकिन सालभर बाद भी वहां शहर की तरह अवस्थापना सुविधाएं नही हैं। पाइप से पानी आपूर्ति, सीवर लाइन, मार्ग प्रकाश, परिवहन, बिजली, सफाई और कूड़ा प्रबंधन के इंतजाम अब तक नहीं हैं।
जल निकासी चौपट और सड़कें खस्ताहाल हैं। इसे लेकर नगर निगम दो हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट शासन को भेज चुका है, लेकिन बजट जारी नहीं हुआ है। सीमा विस्तार के बाद करीब 50 हजार मकान और दो लाख की आबादी बढ़ने का अनुमान है।
बाहरी इलाकों में तेजी से बसीं कॉलोनियां
शहीद पथ और आउटर रिंग रोड के किनारे, गोमती नगर विस्तार, जानकीपुरम विस्तार, आईआईएम रोड, इंदिरा नगर विस्तार के साथ ही कानपुर और हरदोई रोड पर के बाहारी इलाकों में एक दशक में तेजी से कॉलोनियां बसी हैं। यहां नियोजित विकास की जरूरत है, जिसको लेकर ही शासन ने सीमा विस्तार कर शहर में का हिस्सा बनाया है, मगर अभी वहां विकास कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं।
विस्तार के बाद यह है नगर निगम की सीमा
रोड पुरानी सीमा नई सीमा
फैजाबाद रोड चिनहट उत्तरधौना
सीतापुर रोड सेमरा गौड़ी मोहिउद्दीनपुर
कुर्सी रोड अतरौली दसौली
सुल्तानपुर रोड कटाई पुल माढरमऊ कला
रायबरेली रोड हैवतमऊ मवैया पुरसैनी
कानपुर रोड गौरी मिरानपुर पिनवट
मोहान रोड भपटामऊ सरोसा भरोसा
हरदोई रोड छंदोइया महिपतमऊ
विस्तारित क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर शासन को प्रोजेक्ट भेजा जा चुका है। पूरे प्रदेश का मामला है, जहां भी सीमा विस्तार हुआ है वहां विकास को लेकर शासन से बजट जारी होना है। बजट मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
- अजय द्विवेदी नगर आयुक्त
अभी मौजूदा शहर (88 गांव छोड़कर) में हैं यह सुविधा
ट्यूबवेल-644
हैंडपम्प-16082
स्ट्रीट लाइटें करीब 1.56 लाख
पेयजल पाइप लाइन कवरेज करीब 70 प्रतिशत
सीवर लाइन कवरेज करीब 50 प्रतिशत
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट-2
जलकल-3