लखनऊ के रहने वाले तथा उत्तर प्रदेश फिल्म विकास परिषद् के सदस्य रह चुके विशाल कपूर ने कई मौकों पर शहर और प्रदेश का मान बढ़ाया है। कपूर काफी लम्बे समय से भारतीय सिनेमा को प्रमोट कर रहे हैं। हाल में ही पेरिस में आयोजित Paris Appreciation Awards में विशाल कपूर को फिल्मों के विकास, फिल्मों का प्रोत्साहन तथा फिल्मों के ज़रिये रोज़गार पर काम पुरस्कृत किया है।
क्या है Paris Appreciation Award
Paris Appreciation Award यूरोपीय और विश्व व्यापार समुदाय में सफलता, नवीनता और नैतिकता को बढ़ावा देने के लिए है। इस पुरस्कार को उपलब्धियों और संगठनों के सकारात्मक योगदान और विश्वव्यापी पेशेवरों के सम्मान और जन मान्यता प्राप्त करने के लिए बनाया गया है। यह पुरस्कार उस समय का प्रतीक है, जब उन मूल्यों और सिद्धांतों को पूरा करने के लिए दिया गया है जो पेरिस के खूबसूरत शहर के लिए समन्वित हैं
कौन हैं विशाल कपूर
विशाल कपूर ने अपनी शुरुआती पढ़ाई नैनीताल स्थित बिड़ला विद्या मंदिर से की। उन्होंने 1996 में उत्तरकाशी स्थित Nehru Institute of Mountaineering (NIM) में पर्वतारोहण का प्रशिक्षण के बाद मुंबई में रंग मंच की ओर रुख किया।
उन्होंने बहुचर्चित नाटक “ताजमहल का टेंडर”, “मोटेराम का सय्ताग्रह”, “खराशे”, “कबीर खड़ा बाज़ार में” इत्यादि में महत्वपूर्ण भूमिकाएं अदा की हैं। 2001 में फेमिना मैगज़ीन ने उनको फ्रेशेर सेक्शन में फेस ऑफ़ मंथ की तरह पब्लिश किया।
विशाल पहाड़ों से लेकर रंगमंच और राजनीति का सफ़र उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है। राजनीति में आने के बाद भी विशाल ने उत्तर प्रदेश में भारतीय सिनेमा के विकास के लिए कई अच्छे कार्य किए तथा कई मौकों पर उन्होंने भारत और उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया है।
विशाल कपूर ने उत्तर प्रदेश में फिल्मों के विकास के लिए पचनदा, चित्रकूट इत्यादि को फिल्म के निर्माण तथा पर्यटन के लिए प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।