ड्यूटी खत्म करके घर लौट रहे दरोगा हजरत अली ने सोमवार को ट्रॉमा सेंटर के सामने एक बुजुर्ग को रोते देख वजह पूछी। पता चला कि मौत से जूझ रहे पीएसी के सिपाही राजू खान को खून की जरूरत थी और पिता भटक रहा था। दरोगा ने ढांढस बंधाया और रक्तदान करके सिपाही की जान बचाई।
लखनऊ के हसनगंज थाने में तैनात उपनिरीक्षक हजरत अली बाइक से दुबग्गा स्थित अपने घर जा रहे थे। ट्रॉमा सेंटर के पास एक बुजुर्ग को रोते देख किसी घटना का शक हुआ। बुजुर्ग से परेशानी पूछी। पता चला कि वह आजमगढ़ में 20वीं वाहिनी पीएसी के सिपाही राजू खान का पिता है।
ट्रॉमा सेंटर में भर्ती राजू खान को खून की जरूरत है। डॉक्टरों ने जल्द व्यवस्था न होने पर जान का खतरा बताया है। हजरत अली ने बाइक पार्किंग में खड़ी की और बुजुर्ग के साथ डॉक्टर के पास जाकर रक्तदान किया। धन्यवाद दे रहे बुजुर्ग और उसके परिवारीजनों को अपना मोबाइल नंबर देते हुए आश्वासन दिया कि खून की और जरूरत पड़ने पर कॉल कर सकते हैं।