आए दिन सड़क पर होने वाली छेड़छाड़ से मुकाबला करने के लिए बेटियों को आत्मरक्षा के लिए तैयार करना बहुत जरूरी है। इसके लिए सबसे सशक्त माध्यम मार्शल आर्ट है। अगर बेटियां इस आर्ट में माहिर होगी तो वे अंदर से मजबूत होगी।
ऐसी सोच के साथ लखनऊ विश्वविद्यालय की छात्रा रैना शुक्ला सहेलियों और छात्राओं को मार्शल आर्ट में दक्ष करने में जुटी है। मार्शल आर्ट में राष्ट्रीय स्तर पर कई मेडल जीत चुकी रैना बीए ऑनर्स द्वितीय वर्ष की पढ़ाई के साथ अपने आसपास रहने वाली छात्राओं को नियमित मार्शल आर्ट का निशुल्क प्रशिक्षण भी देती हैं।
आठ साल की उम्र से मार्शल आर्ट सीखने वाली रैना बताती है कि मार्शल आर्ट के प्रशिक्षण देने का सिलसिला परिवार की बहनों को देने से शुरू हुआ था। आज यह अभियान बड़े स्तर पर पहुंच चुका है। यहां तक कि लखनऊ विश्वविद्यालय में चले ‘मिशन साहसी’ कार्यक्रम में उन्होंने छात्रावासों में जाकर छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया।
मार्शल आर्ट में अंतरराष्ट्रीय पदक हासिल करने की तैयारियों में जुटीं रैना बताती हैं कि घरवालों की प्रेरणा से मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण लेना शुरू किया था। उस समय इतनी जानकारी नहीं थी कि यह सिर्फ एक भर नहीं बल्कि इसकी मदद से आत्मरक्षा भी की जा सकती है।