खेत की जुताई करते प्रदीप
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उसने तीन फार वाला एक कल्टीवेटर उसने खुद ही बनाया। उसे बाइक के पीछे बांध दिया। इसके बाद वह बाइक लेकर खुद ही गन्ने के खेत में जुताई के लिए उतर पड़ा। लगभग डेढ़ घंटे में उसने एक बीघा गन्ना के खेत की जुताई कर डाला।
प्रदीप ने बताया कि एक बीघा खेत की जुताई में मात्र दो लीटर पेट्रोल खर्च हुआ। कहा कि पौधा गन्ने के साथ साथ पेड़ी गन्ने की भी जुताई और अच्छी होती है। बाइक से जुताई करने से न सिर्फ आर्थिक बचत हुई, बल्कि फसल को नुकसान भी नहीं हुआ।
मजदूर की भी तलाश नहीं करनी पड़ी। कहा कि समय पर मजदूर न मिलने व ट्रैक्टर से जुताई के दौरान टायर से दबकर फसल को भी नुकसान होता था। इसे देखते हुए उसने बाइक से जुताई करने का मन बनाया।
इसमें सफलता भी मिली। अब वह अन्य खेत की भी जुताई बाइक से करेगा। जुताई को लेकर प्रदीप द्वारा निकाले गए नायाब तरीके को देखने के लिए बड़ी संख्या में अन्य लोग भी वहां जुटे।