डॉ. विक्रम सिंह और डॉ. मृदु सिंह बताते हैं कि वे खुद संक्रमित थे। इस दौरान तमाम लोगों के फोन आते थे और व्हाट्सएप पर रिपोर्ट आती थी। यह देख कभी भी झुंझलाहट नहीं हुई। क्योंकि चिकित्सा पेशे में आते वक्त इस बात की शपथ ली गई थी कि दूसरों की मदद हर हाल में करनी है। जिस तरह से हम अपने परिजनों को लेकर चिंतित थे उसी तरह से दूसरे लोग भी अपने परिजनों को बचाने में जुटे हुए थे। इसलिए जिसकी भी कॉल आती उसे हम लोगों ने हर हाल में सलाह दी। लोगों को दवा, बचाव की तकनीक के साथ ही हौसला भी बढ़ाते रहे। ऐसे तमाम गंभीर मरीज हैं, जिन्हें मोबाइल पर परामर्श देकर ठीक किया गया है।
हर स्तर पर सावधानी की जरूरत
डॉ. विक्रम सिंह कहते हैं कि अभी भी हर स्तर पर सावधानी बरतने की जरूरत है, जो लोग वायरस की चपेट में आने के बाद ठीक हो गए हैं अथवा टीकाकरण करा लिया है वह भी हर हाल में मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का प्रयोग करें। कोरोनावायरस का असर कम होता नजर आ रहा है, लेकिन हमें सावधानी हर स्तर पर बरतनी होगी। हर व्यक्ति अगर सावधानी बरतता है तो यह धीरे-धीरे सामान्य फ्लू की तरह हो जाएगा और जानलेवा साबित नहीं होगा, लेकिन अभी जो हालात हैं उसमें किसी भी तरह की लापरवाही सैकड़ों लोगों की जान जोखिम में डाल सकती है।