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बीएड में सीधे दाखिले के लिए जरूरी होगा बार कोड, नहीं चलेगी कॉलेजों की मनमानी

Sun, 01 Jul 2018 02:52 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के तहत आठ जुलाई से होने वाले सीधे दाखिला प्रक्रिया में इस बार कॉलेजों की मनमानी नहीं चलेगी। कॉलेज केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को दाखिला देगा, जिन्हें लखनऊ विश्वविद्यालय सत्यापित करेगा। इसके लिए विवि अभ्यर्थियों को उनके मोबाइल पर बार कोड भेजेगा। कॉलेज को यह कोड ऑनलाइन भरना होगा तभी उनके द्वारा किया गया दाखिला मान्य होगा। यह फैसला शनिवार को लविवि में हुई बीएड एडवाइजरी कमेटी की बैठक में लिया गया।

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बीएड में पहले दो चरण में सीट न पाने वाले अभ्यर्थियों को डायरेक्ट एडमिशन पाने का भी मौका होगा। इसमें आठ से 11 जुलाई के बीच काउंसलिंग कॉलेज स्तर पर होगी। राज्य प्रवेश परीक्षा में रैंक पाने वाले अभ्यर्थी ही सीधे दाखिले में शामिल हो सकेंगे।

कॉलेज स्तर पर होने वाली सीधे दाखिले की प्रक्रिया में अनुदानित कॉलेज में और जीरो फीस वाले अभ्यर्थी पात्र नहीं होंगे। दाखिले के समय कॉलेजों को लॉगइन कर अभ्यर्थी की डिटेल भरनी होगी। इसके बाद कॉलेज और अभ्यर्थी को पंजीकृत मोबाइल नंबर पर कोड भेजा जाएगा। यह कोड भरने के बाद ही दाखिला दिया जाएगा।

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खाली बचने पर अन्य वर्ग सीट आवंटन पर नही होगा प्रतिबंध

प्रतीकात्मक तस्वीर।
राज्य प्रवेश समन्वयक प्रो.नवीन खरे ने बताया कि बीएड में अभी तक कला, कॉमर्स और विज्ञान वर्ग के तहत सीट आवंटन होता है। कई बार एक वर्ग के दावेदार न होने पर उसकी सीट रिक्त रहती हैं। वहीं अन्य वर्ग में दाखिले के लिए अभ्यर्थी बचे रहते हैं। सीट खाली बचने पर अन्य वर्ग (कला,कॉमर्स या साइंस) को सीट आवंटित करने पर कोर्ट के कई आर्डर आ चुके हैं।

एनसीटीई या राज्य सरकार का इसके लिए कोई निर्देश नहीं है। इसलिए यह तय किया गया है कि किसी वर्ग की सीट खाली बचने पर अन्य वर्ग के अभ्यर्थियों से उन्हें भरा जा सकेगा। 28 जून से शुरू पूल काउंसलिंग में यही व्यवस्था होगी।

बची फीस जमा न करने पर जब्त होगी एडवांस फीस
उन अभ्यर्थियों की एडवांस फीस जब्त होगी जो सीट आवंटित होने के बाद दाखिला नहीं लेते हैं। अभ्यर्थियों को एडवांस फीस के रूप में पांच हजार रुपये जमा करने होते हैं। इसके बाद बची फीस के 46,250 रुपये जमा करने होते हैं।
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