सूत्रों का कहना है कि आरपीओ पीयूष वर्मा अब इस मामले में फैसला नहीं लेना चाहते हैं। इसलिए तन्वी व अनस को नोटिस जारी करने से बच रहे हैं। मंत्रालय से आदेश मिलने के बाद ही वह कोई फैसला लेंगे।
पीयूष वर्मा बीते हफ्ते में सिर्फ शुक्रवार को ही ड्यूटी पर थे। वह किसी से मिल भी नहीं रहे हैं। ऐसे में सोमवार को कार्यालय खुलने पर नोटिस के बाबत उन पर दबाव रहेगा।
बता दें, तन्वी ने तत्कालीन सहायक पासपोर्ट अधिकारी विकास मिश्रा पर धार्मिक आधार पर पासपोर्ट रोकने का आरोप लगाया था। ऐसे में अब आरपीओ को डर सता रहा है कि नोटिस जारी कर तन्वी का पासपोर्ट रद्द करते हैं तो धार्मिक विवाद न खड़ा हो जाए।