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बाराबंकी पुलिस को बड़ी कामयाबी, करोड़ों रुपये की मॉर्फीन के साथ दो तस्कर दबोचे

Sat, 23 Feb 2019 02:25 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाराबंकी
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मार्फीन तस्करों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने शनिवार को दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से बारह किलो मार्फीन बरामद की है। विदेशी बाजार में इसकी कीमत 25 करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि पुलिस की पकड़ में आए तस्कर महज कैरियर हैं मुख्य आरोपी अभी फरार है।

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जिले में 17 साल बाद इतनी बड़ी मात्रा में मार्फीन की बरामदगी से हड़कंप मचा है। एनसीआरबी व एसटीएफ की टीम तस्करों से पूछताछ कर रही है।

एसपी डॉ. सतीश कुमार ने शनिवार को पुलिस लाइन में बताया कि सफदरगंज एसओ विवेक कुमार सिंह ने पुलिस टीम के साथ शनिवार दोपहर जैदपुर मार्ग से दो तस्कर मोहम्मद नफीस व मोहम्मद फुरकान निवासी ग्राम टिकरा को गिरफ्तार कर उनके पास से बारह किलो मार्फीन बरामद की।

बताया जा रहा है कि यह मार्फीन टिकरा गांव निवासी दो बड़े तस्करों की है और पकड़ में आए आरोपी महज कैरियर हैं। हालांकि एसपी ने दावा किया है कि जल्द ही मुख्य आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
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फुरकान को तीन साल पहले भी लखनऊ पुलिस ने तस्करी के एक मामले में जेल भेजा था। एसपी ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
 
एसपी ने बताया कि जैदपुर के टिकरा निवासी तस्कर यहां पर ही अफीम से मार्फीन तैयार करने का काम करते हैं। मार्फीन तैयार करने में यह तस्कर कई तरह के केमिकल की मदद से मार्फीन तैयार करने के बाद इसे ट्रेन, बस व निजी कार से बंगाल, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, दिल्ली, नेपाल में सप्लाई करते है। टिकरा गांव में कई लोग इस काम में लिप्त हैं।
 
एसपी डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि बरामद मार्फीन की कीमत विदेशी बाजार में करीब 25 करोड़ रुपये के आसपास है। जबकि भारत में भी करीब एक करोड़ रुपये किलो के हिसाब से मार्फीन की बिक्री कर तस्कर काफी मात्रा में पैसा वसूलते हैं।

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पुलिस ने बारह किलो मार्फीन बरामद कर यह साबित कर दिया है कि जिले में तस्करी का कारोबार काफी तेजी से फैला हुआ है। पकड़े तस्कर कैरियर के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे हैं और इन्हें मार्फीन एक स्थान से दूसरे स्थान पर लेकर जाना होता है जिसके लिए काफी कम पैसा मिलता है। 

बताया जा रहा है कि यह मार्फीन टिकरा गांव के किन्हीं नामी तस्करों के यहां से लेकर आरोपी ट्रेन से बिहार के रक्सौल जाने की फिराक में थे। पुलिस को मुख्य आरोपियों के बारे में जानकारी हुई है लेकिन अभी उनके नाम का खुलासा नहीं किया जा रहा है। पुलिस ने यदि सही से काम किया तो कई नामचीन चेहरे तस्करी में सामने आ सकते हैं। 
  
बारह किलो मार्फीन की बरामदगी के बाद एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) व लखनऊ एसटीएफ की टीम में भी हड़कंप मच गया। ये टीमें भी सफदरगंज पहुंचीं और वहां पकड़े गए तस्करों से पूछताछ की।

हालांकि एनसीआरबी व एनसीबी की टीमें जिले में लगातार भ्रमण करती हैं लेकिन इसके बावजूद इनके द्वारा कोई कार्रवाई न करने से इनकी कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में भी रहती है। 
 
जिले में वर्ष 2002 में शहर में रेलवे स्टेशन के पास एक लावारिस ब्रीफकेस में करीब बीस किलो मार्फीन बरामद हुई थी लेकिन कोई आरोपी पकड़ में नहीं आ सका था। इसके बाद अब करीब 17 साल बीतने पर पुलिस ने बारह किलो मार्फीन बरामद की है। हालांकि यहां तस्कारी का काम कभी बंद नहीं रहा लेकिन पुलिस की कार्रवाई ही ढुलमुल रही। 
 
इस मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम ने एएसपी अशोक कुमार शर्मा व सीओ सदर राजेश यादव के निर्देश में काम किया। एसओ सफदरगंज विवेक सिंह, एसआई जितेंद्र राज, रामनयन सिंह, नरेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, सुबेदार यादव आदि पुलिस टीम को एसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम दिया है।
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