बाराबंकी शहर कोतवाली से महज 500 मीटर दूर स्थित कांशीराम कॉलोनी में सोमवार की रात हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। कॉलोनी निवासी मोनू गिहार (25) को कथित रूप से चार मंजिला इमारत से नीचे फेंक दिया गया था। उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। मंगलवार शाम जब पोस्टमार्टम के बाद शव कॉलोनी लाया गया, तो कोहराम मच गया।
हालात को बेकाबू होता देख शहर कोतवाली, जहांगीराबाद और महिला थाने की पुलिस को मौके पर तैनात किया गया। मोनू गिहार ऑटो रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पेट पालता था। सोमवार रात कॉलोनी के पांच नंबर ब्लॉक की चौथी मंजिल से वह नीचे गिरा। परिजनों ने जुगाड़ू वाहन से उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया गया। मंगलवार सुबह मोनू की मौत की खबर आई।
परिजनों का आरोप है कि मोनू के साथ पांच युवकों ने शराब पीने के बाद मारपीट की और फिर से छत से फेंक दिया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों महताब और निहाल को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी सद्दाम समेत अन्य तीन की तलाश जारी है। शाम को शव के पहुंचते ही कॉलोनी में भारी भीड़ जमा हो गई और आरोपियों के परिजन कॉलोनी छोड़कर भाग खड़े हुए।
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने एहतियातन भारी फोर्स बुला ली और किसी तरह शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचाया। एसपी उत्तरी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए शेष आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
मोनू के परिवार में उसके माता-पिता, पत्नी सपना, एक साल का बेटा समर, दो बहनें और एक छोटा भाई है। पिता भी ऑटो चलाते हैं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी मुख्य रूप से मोनू के कंधों पर थी।