लखनऊ। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल चुनाव के लिए राजधानी में वकीलों के बीच होली के अवकाश के बाद सियासी रंग चढ़ने लगा है। अव्यवस्थाओं के कारण जनवरी में टाला गया लखनऊ जिले का मतदान अब संशोधित कार्यक्रम के तहत 11 से 15 मार्च तक कराया जाएगा। जिले के 26,658 अधिवक्ता सदस्य 331 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।
करीब 2.60 लाख मतदाताओं वाले प्रदेश में बार काउंसिल चुनाव चार चरणों में प्रस्तावित था। लखनऊ में मतदान तीसरे चरण में होना था, लेकिन अव्यवस्थाओं के कारण यहां चुनाव स्थगित कर दिया गया था, जबकि अन्य जिलों में मतदान हो चुका है। अब संशोधित कार्यक्रम के तहत राजधानी में पांच दिन मतदान कराया जाएगा।
मतगणना में वरीयता क्रम के आधार पर सर्वाधिक मत पाने वाले 25 उम्मीदवारों को बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश का सदस्य चुना जाएगा। प्रदेश भर के मतों की गणना प्रयागराज स्थित मुख्यालय में होगी। इसके लिए होली के अवकाश के बाद राजधानी में हलचल तेज है। निवर्तमान अध्यक्ष शिव किशोर गौड़, पूर्व चेयरमैन अजय शुक्ला, अमरेंद्र सिंह, हरिशंकर सिंह, संदीप कुमार यादव, पीआर मौर्या, इमरान माबूद खान, मधुसूदन त्रिपाठी, अरुण त्रिपाठी और रोहिताश अग्रवाल समेत कई प्रमुख दावेदार मैदान में हैं।
होली बीतने के साथ ही प्रत्याशियों ने जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। कचहरी और हाई कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं के चैंबर में जाकर मुलाकात की जा रही है। होली मिलन की बधाई देने के साथ अपने पक्ष में मतदान की अपील भी की जा रही है। कई प्रत्याशी प्रभावी और वरिष्ठ अधिवक्ताओं के घर पहुंचकर भी समर्थन जुटाने में लगे हैं।
ऐसे होगा मतदान
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्देशन में निर्वाचन अधिकारी राम किशोर शुक्ल की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार पंजीकरण वर्ष के आधार पर मतदान तिथियां तय की गई हैं। मतदान निर्धारित तिथियों में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक होगा।
मतदान की तिथि : पंजीकरण वर्ष अवधि
11 मार्च : 1962–2000
12 मार्च : 2001–2010
13 मार्च : 2011–2018
14 मार्च : 2019–2021
15 मार्च : 2022–2025