फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोन के नाम पर आपको धोखा दे रहे बैंक, रिसर्च से हुआ खुलासा

Thu, 29 Mar 2018 05:30 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
loan
विज्ञापन

छोटे कर्ज दे रहे बैंक और गैर वित्तीय बैंकिंग कंपनियां (एनबीएफसी) ग्राहकों को धोखा दे रही हैं। वे पर्सनल और कंज्यूमर लोन देते समय कई तरह के हिडन चार्ज (छिपे शुल्क) नहीं बताती, न ही अपनी वेबसाइट पर प्रतिमाह किस्तों की सही जानकारी दे रही हैं।

विज्ञापन


भारतीय प्रबंध संस्थान लखनऊ और भारत के फाइनेंशियल प्लानिंग स्टैंडर्ड बोर्ड (एफपीएसबी) ने प्रमुख बैंकों और एनबीएफसी पर सात महीने के अध्ययन के बाद जो रिपोर्ट तैयार की है उसमें यह बात सामने आई है।
 
आईआईएम लखनऊ के प्रो. देवाशीष दासगुप्ता ने ‘नैविगेटर ऑफ रिस्पॉन्सिबल लैंडिंग’ नाम से जारी इस रिपोर्ट के बारे में बुधवार को यहां बताया कि देश में इस समय ऐसी कोई नीति नहीं है जिससे कर्ज दे रही ये संस्थाएं सभी जानकारियां सार्वजनिक करने को बाध्य हों। ऐसे में इस रिपोर्ट के बाद उम्मीद है कि नीति निर्माता इस बारे में विचार करेंगे ताकि कर्ज लेने वालों का शोषण बंद हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

वेबसाइटों ने खोली पोल

इस रिसर्च का दूसरा हिस्सा बैंकों द्वारा अपनी वेबसाइटों पर दी जा रही जानकारी का विश्लेषण था। इसमें पता चला कि बैंक और एनबीएफसी जानकारियां छिपा रहे हैं। पेश है कुछ उदाहरण- 
  • पंजाब नेशनल बैंक यह तक नहीं बताता कि लोन के लिए ग्राहक को कितने दस्तावेज चाहिए होंगे। वह ईएमआई कैलक्यूलेटर भी नहीं देता।
  • कोई भी लोन दे रही संस्था यह नहीं बता रही कि पर्सनल लोन का फीस स्ट्रक्चर क्या होगा? 
  • एचडीबीएफएस और टाटा कैपिटल के अलावा कोई नहीं बताता कि कम से कम कितना कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन लिया जा सकता है?
  • इस श्रेणी के लोन का फीस स्ट्रक्चर भी कोई बैंक या एनबीएफसी नहीं बता रही, न ही उनके पास सटीक ईएमआई कैलक्यूलेटर है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें