छात्रवृत्ति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय की गिरफ्त में आए हरदोई के जीविका इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के संचालक रामगोपाल ने कई अहम राज उगले हैं। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में उसने बताया कि लखनऊ के हाइजिया ग्रुप के संचालकों की मदद से उसने फर्जी बैंक खाते खोलकर छात्रवृत्ति की रकम को हड़पा था। अब ईडी के अधिकारी हाइजिया ग्रुप के संचालक लकी जाफरी से उसका आमना-सामना कराकर पूछताछ करने की तैयारी में है।
बता दें छात्रवृत्ति घोटाले में हरदोई के आधा दर्जन से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका सामने आ चुकी है। अब तक ईडी और लखनऊ पुलिस की एसआईटी छात्रवृत्ति घोटाले में आठ लोगों को गिरफ्तार कर चुके हैं। शनिवार को गिरफ्तार किए गये जीविका इंस्टीट्यूट के चेयरमैन रामगोपाल को सात दिन की रिमांड पर लेकर उससे गहनता से पूछताछ की जा रही है।
ईडी के अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि हाइजिया ग्रुप के संचालकों ने किन एजेंटों के जरिए फर्जी छात्रों का इंतजाम किया था। इसके अलावा घोटाले से जुटाई गयी रकम को कहां पर निवेश किया गया है। सूत्रों के मुताबिक उसने कबूला है कि उसके कॉलेज के नाम पर अधिकतर फर्जी छात्रों का रजिस्ट्रेशन हाइजिया ग्रुप ही करता था। इसके बदले उसे कमीशन का भुगतान करना पड़ता था। ईडी ने रामगोपाल के करीबी परिजनों को भी उनके बैंक खातों और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी के साथ तलब किया है। इस मामले में जीविका इंस्टीट्यूट के कुछ अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जांच भी की जा रही है।