राजधानी लखनऊ में एक जुलाई से 19 तरह के सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाएगा। व्यापारी नेता राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि बिना विकल्प बैन लगने से 300 करोड़ रुपये से ज्यादा के कारोबार पर हर महीने असर पड़ेगा। शहर में इसका करीब एक हजार दुकानदार है। इनको न सिर्फ नुकसान झेलना पड़ेगा, बल्कि कई दिनों तक दुकान बंद रखनी पड़ेगी। दोना-पत्तल व्यापारियों के मुताबिक, सरकार को विकल्प लाने के बाद ऐसा फैसला लेना चाहिए था।
लखनऊ व्यापार मंडल के वरिष्ठ महामंत्री अमरनाथ मिश्रा के मुताबिक, फैसला पर्यावरण के हिसाब से ठीक है। ज्यादातर माल तो गाजियाबाद, दिल्ली, कानपुर, नोएडा समेत अन्य शहरों से आता है। शहर की बात करें तो देवा रोड व मोहान रोड स्थित फैक्टरी व शहर में छोटे-बड़े मिलाकर एक हजार से ज्यादा लोग इसका कारोबार करते हैं। प्रतिबंध लगने से सीधा असर इन पर आएगा। ये लोग रोजाना लाखों रुपये का माल बेचते हैं। ठेले-खुमचे वाले हों या बड़ी दुकानदार वाला हो। सभी इन उत्पाद का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में एकदम से प्रतिबंध लगने से महीने में करोड़ों रुपये की चपत लगेगी। ऐसे में विकल्प व नियम न आने से कारोबारी तब तक क्या करेगा? यह बड़ा सवाल है।
विकल्प की कीमत ज्यादा न हो
दोना-पत्तल एसोसिएशन के महामंत्री शीबू चौधरी के मुताबिक, फैसला आने के बाद से कई दुकानदारों ने दुकानें नहीं खोली हैं। लाखों रुपये का माल स्टॉक रखे हैं। उनका कहना था कि छोटा दुकानदार ग्राहकों से पन्नी या झोला देने के लिए रुपये मांगने लगता है तो वह सामान नहीं खरीदता है। ऐसे में सरकार से मांग है कि इसी के बराबर की कीमत का विकल्प लाया जाए।
जो विकल्प आए वह सख्ती से लागू हो
व्यापारी नेता अमरनाथ मिश्रा ने कहा कि इस बार नियम का पालन सख्ती से करवाया जाए। सरकार की तरफ से फैसला लागू करने के बाद सरकारी अधिकारी छापा डालते हैं। उसमें आधा माल सीज कर बाकी छोड़ देते है। इससे दुकानदार चोरी छुपे उसको फिर बेचने लगता है। यह सिलसिला चलता रहता है। ऐसे में जो भी विकल्प लाया जाए, उसे सख्ती से लागू करवाया जाए। ताकि भ्रष्टाचार पर काबू किया जा सके।
इन पर लगा प्रतिबंध
सिंगल यूज प्लास्टिक की स्टिक वाले ईयर बड्स, झंडे, गुब्बारे, कैंडी, आइसक्रीम स्टिक, चाय-कॉफी हिलाने वाली स्टिरर, सजावटी पॉलीस्टाइरिन (थर्मोकॉल), प्लेट, कप गिलास, कटलरी, छुरी-कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे, मिठाई के डिब्बों या निमंत्रण कार्ड या सिगरेट के पैकेट रैप या पैक करने वाली फिल्म समेत 100 माइक्रोन से कम के प्लास्टिक या पीवीसी बैनर तक पर पूर्ण रूप से बैन लगा दिया गया है।
इन पर पड़ेगा असर
होलसेलर : 350 से 400
फुटकर दुकानदार : 600 से 650
घरों से काम करने वाले दुकानदार : 250 से 300