जल संस्थानों में गैर जरूरी कामों के लिए दिए जा रहे ठेकों पर तत्काल रोक लगा दी गई।
वहीं अधिकारियों व कर्मचारियों के भविष्य निधि के 24 माह का पैसा तत्काल खाते में भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय निकाय निदेशक नरेंद्र कुमार सिंह ने इस संबंध में जल संस्थान के महाप्रबंधक व नगर आयुक्तों को निर्देश जारी कर दिया है।
उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति की जिम्मेदारी जल संस्थानों के पास है। जल संस्थान में प्रत्येक काम के लिए कर्मचारियों की भर्ती की गई है।
इसके बाद भी अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से ठेके पर काम दे दिए जाते हैं। इससे स्थायी कर्मचारी बैठे रहते हैं।
उत्तर प्रदेश जल संस्थान कर्मचारी महासंघ ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया था। इसी तरह अन्य मांगों के संबंध में जानकारियां दी थीं। शासन स्तर पर सहमति के बाद कुछ मांगों पर सहमति बन गई है।
इसके आधार पर यह आदेश दिया गया है। स्थानीय निकाय निदेशक ने समय से वेतन, फंड, एरियर का भुगतान भी देने को कहा है। साथ ही छठे वेतन आयोग का एरियर, डीए व बोनस देने के भी निर्देश दिए हैं।