हादसे से मृतकों के घर पर मातम छाया हुआ है।
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रोजी-रोटी के लिए दुबई जा रहे युवकों का सफर पूरा होने से पहले ही खत्म हो गया। दुबई जाने वाली फ्लाइट पकड़ने के लिए सादुल्लाहनगर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत विशुनपुर खरहना के मजरे नौडिहवा निवासी चचेरे भाई जुनैद अहमद व अब्दुल मोईन कार से लखनऊ एयरपोर्ट जा रहे थे। कार में इन दो लोगों के अलावा चालक अब्दुल खालिद और एक अन्य व्यक्ति जमशेद असरार भी सवार थे। कार लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर हैदरगढ़ ओवरब्रिज के 100 मीटर पहले पलटते हुए एक पेड़ से टकरा गई।
घटना में चालक एवं दुबई जा रहे दोनों युवकों की मौत हो गई। वहीं एक युवक घायल हो गया। युवकों की मौत की सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। हर कोई बस यही कह रहा था कि किस मनहूस घड़ी में यह लोग रोजी-रोटी के लिए घर से निकले थे। मृतक अब्दुल मोईन के पिता हबीबुल्लाह रो-रोकर बस यही कह रहे थे कि अभी दो ही महीने पहले यह लोग दुबई से आए थे। ईद मनाकर दोबारा दुबई जा रहे थे। पत्नी शहनाज बेगम दहाड़े मारते हुए बस यही सवाल पूछ रही था कि अब तीन साल के बेटे आदिल का सहारा कौन बनेगा। इसी तरह जुनैद की पत्नी उजमा खातून का भी रो-रोकर बुरा हाल था।
जुनैद अपने पीछे आठ वर्षीय सिदरा, चार वर्षीय अजरा व डेढ़ वर्षीय इकरा को छोड़ गए हैं। इकरा और अजरा को पिता की मौत के बारे में कुछ भी पता नहीं है। बड़ी बेटी सिदरा मां से बस यही पूछ रही है कि अब्बू कब आएंगे। वहीं, कार चालक अब्दुल खालिक अपने पीछे पत्नी आलिया के साथ तीन पुत्र व चार बेटियां छोड़ गए हैं। बड़ी बेटी जमाली की शादी हो चुकी है। मौत की खबर सुनकर परिवार में कोहराम मच गया। मां को बदहोशी के आलम में बेटियां संभाल रही थी। आलिया का कहना था कि अब बेटियों की शादी कौन करेगा।