लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने मेडिकल कॉलेज की मान्यता लेने के लिए मजदूरों को बिना बीमारी अस्पताल में भर्ती कर फर्जी इलाज करने के मामले में आरोपी लव शेखर की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है।
न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने यह आदेश लव शेखर की जमानत अर्जी पर दिया। आरोपी की ओर से दलील दी गई कि वादी ने इस आशंका पर एफ आईआर कराई है कि अभियुक्तगण खून या किडनी निकालने का काम करते हैं। विवेचना में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है। कहा गया कि प्राथमिकी उनके प्रतिद्वंद्वियों ने सक्सेना ग्रुप ऑफ कॉलेज का नाम खराब करने के लिए लिखाई है। यह भी दलील दी गई कि याची एक इंजीनियर है और इस ग्रुप के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में लेक्चरर है। उधर, राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध किया गया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपी की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।