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प्रेम संबंधों में रोड़ा बनी मां की हत्या में बेटी को कोर्ट से नहीं मिली जमानत

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लखनऊ। प्रेम संबंधों में रोड़ा बन रही मां की हत्या करने की आरोपी पुत्री रोली मिश्र की जमानत अर्जी को एडीजे पीएम त्रिपाठी ने खारिज कर दिया है।
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कोर्ट में सरकारी वकील दुष्यंत मिश्रा और अरुण पांडेय ने तर्क दिया कि अनिल कुमार ने इटौंजा थाने में 7 मई 2021 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 6 मई की रात वह अपने पुत्रों के साथ बरामदे में सो रहा था जबकि पत्नी सुनीता और बेटी रोली घर के अंदर सो रही थीं। कहा गया कि सुबह जब वह उठा तो पाया कि घर का दरवाजा नहीं खुला था। इस पर अनिल कुमार दीवार फांदकर अंदर गया तो पाया कि उसकी पत्नी मृत अवस्था में पड़ी है जबकि पुत्री रोली का कमरा बाहर से बंद था। विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि रोली ने ही प्रेम संबंधों में रोड़ा बन रही अपनी मां की हत्या अपने प्रेमी के साथ मिलकर की थी।
69 लाख हड़पने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
लखनऊ। फर्जी दस्तावेजों से बैंक से कार लोन लेकर 69 लाख रुपये हड़पने के आरोपी कल्बे रजा आबिदी की दूसरी जमानत अर्जी को एडीजे पीएम त्रिपाठी ने खारिज कर दिया।
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कोर्ट में सरकारी वकील दुष्यंत मिश्रा और अरुण पांडेय ने बताया कि मामले की रिपोर्ट गोमतीनगर के एसबीआई की शाखा प्रबंधक कविता राय ने 20 जुलाई 2017 को गोमतीनगर में दर्ज कराई थी कि आरोपी कल्बे रजा ने अपने साथियों की मदद से षड्यंत्र के तहत 2014 से 2015 के बीच फर्जी दस्तावेजों के सहारे बैंक से सात कार खरीदने के लिए लोन लिया था। बताया गया कि आरोपियों ने महिंद्रा कार के डीलर के नाम से फर्जी खाता खोला और ऋण के धन से कार खरीदने की जगह डीलर के नाम से खोले गए खाते में चेक लगाकर 69 लाख 65 हजार रुपये निकाल लिए ।
जालसाजी के मामले में नहीं मिली जमानत
लखनऊ। फर्जी दस्तावेज और दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर दूसरे की जमीन का बैनामा कराने और बैंक से लोन लेकर 20 लाख रुपये हड़पने के आरोपी भारत चावला की जमानत अर्जी को एडीजे पीएम त्रिपाठी ने खारिज कर दिया है।
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कोर्ट में सरकारी वकील ने बताया कि मो. अब्दुल्ला ने कोर्ट के जरिए मड़ियांव में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने ज्वाला से एक जमीन खरीद कर उस पर मकान बनवाया और अपने परिचित वासिमुरर्हमान को बेच दिया था। कहा गया कि करीब एक माह बाद अब्दुल्ला को पता चला कि जो जमीन उसने खरीदी थी, उसी जमीन को किसी और ने अपनी बताते हुए भारत चावला को बेची है और उस जमीन पर कूटरचित दस्तावेजों के सहारे बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से लोन कराया है।
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