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दरोगा भर्ती में धांधली के आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज

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लखनऊ। उप्र पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा विभिन्न चरणों में हुई दरोगा भर्ती परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग कर ऑनलाइन परीक्षा देने और कम समय में अस्वाभाविक रूप से प्रश्नों का उत्तर धोखाधड़ी से देने के कई आरोपियों की जमानत अर्जी को एसीजेएम सत्यवीर सिंह ने खारिज कर दिया है।
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इस मामले में पुलिस भर्ती बोर्ड की ओर से धोखाधड़ी, साजिश रचने और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत कई मुकदमे महानगर थाने में दर्ज कराए गए थे। इन मामलों में गिरफ्तार किए गए आरोपी सौरभ कुमार, अमित कुमार गुप्ता, शिवम कुमार, अब्दुल सलाम, जयशंकर यादव, कल्पना, समीर उर्फ लईक अब्बास, सुनिल सिंह यादव, नूर इस्लाम, पूजा, निकिता, रंजन कुमार, पूजा, शिवेंद्र सिंह, सविता सिंह, विश्वेन्द्र सिंह, राजपाल सिंह, अरविंद कुमार, अमरदीप, अमरनाथ सिंह और उत्तम कुमार समेत अन्य की ओर से अलग-अलग जमानत अर्जी कोर्ट में दी गई थी।
कोर्ट में सरकारी वकील शिल्पी श्रीवास्तव ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि भर्ती परीक्षा 12 नवम्बर 2021 से 2 दिसंबर 2021 के बीच कई केंद्रों पर ऑनलाइन आयोजित की गई थी। परीक्षा में अनुचित सहायता मिल जाने पर आरोपियों ने असामान्य रूप से बहुत कम समय में प्रश्नों को हल कर लिया।
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दरोगा भर्ती मामले में फैसला सुरक्षित
लखनऊ। दरोगा भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग वाली अर्जी की पोषणीयता पर सुनवाई करने के बाद सीजेएम रवि कुमार गुप्ता ने 24 मई के लिए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
कोर्ट में अर्जी देकर अमिताभ ठाकुर ने बताया कि इस परीक्षा के अभ्यर्थियों द्वारा दिए गए तथ्यों व सबूतों से प्रथमद्रष्टया इस भर्ती में भारी गड़बड़ी की आशंका है। परीक्षा के दौरान एसटीएफ ने तमाम एफआईआर दर्ज किए और गोरखपुर में दर्ज दो एफआईआर में स्पष्ट रूप से परीक्षा लेने वाली कंपनी का नाम लिया गया। उक्त कंपनी के कई राज्यों में ब्लैकलिस्टेड होने के बाद भी उसे यह काम दिए जाने के आरोप हैं। इस वजह से यह मामला काफी गंभीर है। इतना ही नहीं, जिस प्रकार पीईटी परीक्षा में बहुत कम नंबर लाने वाले कई अभ्यर्थियों को इस परीक्षा में आश्चर्यजनक रूप में भारी नंबर मिले हैं, उससे परीक्षा की शुचिता पर गहरे प्रश्नचिन्ह लग गए हैं। इस मामले में लखनऊ समेत कई जगह कई अभ्यर्थी पकड़े जा चुके हैं।
दरोगा भर्ती में 11 और अभ्यर्थी गिरफ्तार
लखनऊ। दरोगा भर्ती ऑनलाइन परीक्षा में फर्जी तरीके से पास हुए अभ्यर्थियों के गिरफ्तारी का सिलसिला जारी है। सोमवार को इस मामले में 11 और अभ्यर्थी गिरफ्तार किए गए। महानगर थाने में पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड के अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज कराया है।
प्रभारी निरीक्षक महानगर केशव कुमार तिवारी के मुताबिक, उप्र पुलिस भर्ती बोर्ड के अधिकारी ने सोमवार को जालसाजी, साजिश रचने और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम व आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया। इस मामले में महानगर पुलिस ने फतेहपुर के अमौली निवासी प्रदीप कुमार, हरियाणा के जींद के बीबीपुर निवासी अनीत, सहारनपुर के सढ़ीली हरिया के नितिन पवार, देवरिया के महाल मंझरिया अरविंद यादव, प्रतापगढ़ ऐमापुर विघन का अभिषेक सिंह, बिजनौर के पाडला का चूनी यादव, आगरा के मूलपुर खंदौली निर्मला चौधरी, बागपत के ढिकोली की तनु चौधरी, बागपत के कासिमपुर खेड़ी की शैली, किसनपुर निराल की सीमा, मथुरा के ऐदतागढ़ी विकेश को गिरफ्तार किया गया।
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