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बहराइच हिंसा: त्योहारों पर सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले अफसरों की डीजीपी ने मांगी रिपोर्ट, हो सकता है एक्शन

Thu, 17 Oct 2024 11:26 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Bahraich violence: बहराइच में हुई हिंसा पर यूपी डीजीपी ने सख्त रुख अपनाया है। माहौल बिगड़ने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एडीजी जोन से लापरवाही करने वाले अफसरों के बारे में रिपोर्ट तलब की है।
 
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यूपी डीजीपी प्रशांत कुमार - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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त्योहारों पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले जिलों के अफसरों पर जल्द गाज गिरने वाली है। डीजीपी प्रशांत कुमार ने बहराइच समेत कई जिलों में माहौल बिगड़ने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एडीजी जाेन से लापरवाही करने वाले अफसरों के बारे में रिपोर्ट तलब की है। सूत्रों के मुताबिक गोरखपुर, प्रयागराज और वाराणसी के एडीजी जोन से बुधवार रात तक रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

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दरअसल, बहराइच समेत कई जिलों में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान सांप्रदायिक हिंसा, बवाल आदि की घटनाएं होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गहरी नाराजगी जताई है। अधिकतर घटनाएं गोरखपुर जोन के जिलों में हुई थीं। इसके अलावा प्रयागराज के कौशांबी में भी बवाल हुआ था। वाराणसी के कुछ जिलों में भी विवाद के मामले सामने आए थे। डीजीपी ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बीते दिनों हुई ऐसी घटनाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित एडीजी जोन से लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करके रिपोर्ट भेजने को कहा। इसके अलावा कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले अराजक तत्वों व सोशल मीडिया के जरिये अफवाह फैलाकर आम जनता को भड़काने का प्रयास करने वाले तत्वों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसकी रिपोर्ट भी भेजने का निर्देश दिया।

माहौल बिगाड़ने वालों पर हो सख्त कार्रवाई
डीजीपी ने कहा कि दंगा नियंत्रण स्कीम को अपडेट कर उनका ड्रिल कराया जाए। दंगा नियंत्रण स्कीम में संबंधित मजिस्ट्रेट को भी शामिल किया जाए। दंगा नियंत्रण उपकरणों के बिना किसी भी हाल में ड्यूटी न लगाई जाए। जुलूसों में योजनाबद्ध पुलिस प्रबंध हो। रास्तों में पड़ने वाले मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरती जाए और सुरक्षा के लिए बॉक्स फार्मेट में ड्यूटी लगाई जाए। संवाद प्लान तैयार किया जाए, जिसमें राजस्व विभाग के कर्मियों के साथ सभासद, वार्ड सदस्य, ग्राम प्रधान, ग्राम समितियों के सदस्यों व चौकीदार आदि को शामिल किया जाए। माहौल बिगाड़ने वालों और भड़काऊ भाषण देने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

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