शिवभक्तों की मानें तो लोगों की आस्था का केन्द्र बिंदु बने शिवलिंग को तत्कालीन राजाओं ने जंजीर से बांध कर हाथियों से बाहर निकलवाने का प्रयास किया था। इस दौरान शिवलिंग अपनी जगह से हिली तक नहीं। वहीं, शिवलिंग से खून की धारा बहने लगी जिसके बाद इसे भगवान शिव का चमत्कार मान मंदिर का निर्माण करवाया गया।
टूटा है शिवलिंग का ऊपरी हिस्सा
पांडवकालीन शिवालेबाग मंदिर के शिवलिंग का ऊपरी हिस्सा टूटा हुआ है। जो लोगों की प्राचीन कहानियों को सच साबित करता नजर आता है। मंदिर के महाराज वीरेंद्र ने बताया कि मंदिर में भस्म आरती होती है। वहीं, लाखों लोगों की आस्था के प्रतीक इस मंदिर पर श्रद्धालुओं की ओर से समय-समय पर विभिन्न आयोजन किए जाते हैं।