बहराइच के पयागपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता गर्भवती किशोरी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर नाराज होकर बुधवार को परिजनों सहित कलेक्ट्रेट स्थित धरनास्थल पर अनिश्तिचकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गई थी। बृहस्पतिवार की सुबह उसकी हालत बिगड़ गई। जिससे प्रशासन के हाथ पांव फूल गए थे। आनन-फानन में ही प्रशासन के उच्चाधिकारियों ने एंबुलेंस बुलाकर पीड़िता को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल पहुंचाया। जहां उसने नवजात बच्ची को जन्म दिया है। जहां किशोरी व नवजात की हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं शुक्रवार को पुलिस ने मामले के तीसरे आरोपी अखिलेश चौहान को शुक्रवार को थानाक्षेत्र के हुजूरपुर रोड से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है। पयागपुर थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी का कहना है कि तीसरे आरोपी को अखिलेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जल्द ही फरार चौथे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
किशोरी व नवजात के पालन पोषण का खड़ा है संकट
क्षेत्रीय लोगों में किशोरी व उसकी नवजात बच्ची को लेकर कई तरह की चर्चाएं रही। उनका कहना था कि किशोरी व उसकी पुत्री को समाज के ताने सुनने पड़ेंगे। जबकि उस नवजात व किशोरी की कोई गलती भी नहीं थी। उनके पालन पोषण का भी संकट एक समस्या बना हुआ है।
आठ माह पहले पीड़िता का अपहरण कर हरियाणा ले गए थे आरोपी
बता दें कि पयागपुर थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी को आरोपी युवक हरियाणा ले गए थे। जहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। जिसके चलते वह आठ माह की गर्भवती भी हो गई थी। पुलिस ने कुछ दिन पहले उसे हरियाणा से बरामद कर परिजनों को सौंपा था। पीड़िता व उसके परिजनों ने पयागपुर थानाध्यक्ष व एक उपनिरीक्षक पर आरोपियों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट स्थित धरनास्थल पर बुधवार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गई थी। पुलिस पर अभद्रता करने और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होने की बात बताई थी। बृहस्पतिवार को उसकी हालत बिगड़ने पर प्रशासन ने उसे मेडिकल कालेज में भर्ती कराया था। एएसपी सिटी रामानंद कुशवाहा ने कहा कि इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की है। जो भी दोषी है उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।