ढकिया गांव में पांच वर्षीय मासूम वीरू पर हुए मगरमच्छ के हमले की घटना ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है।लेकिन इस भयावह घटना के बीच वीरू की मां ने अपनी हिम्मत दिखाते हुए मगरमच्छ से 5 मिनट तक संघर्ष कर मासूम बेटे की जान बचा ली।
ढकिया गांव में घर के पास से बह रहे नाले के पास खेल रहे वीरू पर अचानक मगरमच्छ ने हमला कर दबोच लिया और पानी की ओर घसीटने लगा। बच्चे की चीख सुनकर मां दौड़ी और बिना एक पल गंवाए मगरमच्छ से भिड़ गई। ग्रामीणों ने बताया कि मां ने शोर मचाते हुए करीब पांच मिनट तक संघर्ष किया और बेटे को मगरमच्छ के चंगुल से छुड़ाने में सफल रही। इस दौरान वीरू गंभीर रूप से घायल हो गया, लेकिन मां की हिम्मत ने उसकी जान बचा ली।
घायल बच्चे को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार हुआ। घटना की जानकारी पूर्व प्रधान राजकुमार सिंह ने वन विभाग को दी। सोमवार शाम को प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) राम सिंह यादव, एसडीओ राशिद जमील, क्षेत्रीय वन अधिकारी पीयूष गुप्ता, उप वन क्षेत्राधिकारी अमित वर्मा व राजस्व टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने नाले का निरीक्षण किया।
डीएफओ ने वीरू और उसके परिजनों से मिलकर हालचाल जाना और आश्वासन दिया कि मंगलवार को विशेष जाल डालकर मगरमच्छ को पकड़ने की कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि गांव की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और टीम लगातार निगरानी में जुटी है।
गांव में घटना के बाद से खौफ का माहौल है। ग्रामीण बच्चों को अकेले बाहर भेजने से डर रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि नाले के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।