प्रतियोगिता के महिला एकल सेमीफाइनल में पीवी सिंधू का सामना उन्नति हुड्डा से हुआ। पहला गेम 21-12 से जीतने के बाद सिंधू ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और कोर्ट को बेहतर ढंग से कवर करते हुए दमदार स्मैश जमाए और दूसरा गेम 21-9 से जीतते हुए फाइनल में प्रवेश किया। महिला एकल के दूसरे सेमीफाइनल में चीन की लियू यू ने थाईलैंड की एल चाईवान को 21-19, 21-12 पराजित किया। प्रतियोगिता के पुरुष एकल सेमीफाइनल में शीर्ष वरीय लक्ष्य सेन का सामना जापान के शोगो ओगावा से हुआ। यह मुकाबला भी एकतरफा रहा, जिसमें लक्ष्य ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए 21-8, 21-14 से जीत दर्ज करते हुए फाइनल का टिकट हासिल किया। पुरुष एकल के दूसरे सेमीफाइनल में प्रियांशु राजावत की भिड़ंत सिंगापुर के चौथी वरीय जिया हेंग जेसन तेह से हुई। मुकाबले की शुरुआत से ही प्रियांशु ने कई गलतियां की, जिसका खामियाजा उन्हें आसान हार के रूप में चुकाना पड़ा। जिया हंग ने यह मुकाबला 21-13, 21-19 से हराते हुए फाइनल में जगह बनाई।
पिछड़ने के बाद त्रिशा और गायत्री ने बनाई खिताबी मुकाबले में जगह
प्रतियोगिता के महिला युगल में दूसरी वरीय भारत की त्रिशा जॉली व गायत्री गोपीचंद पुलेला ने एक घंटा तीन मिनट चले मुकाबले में तीसरी वरीय थाईलैंड की बेन्यापा एम्सार्ड व नुंटाकर्ण एम्सार्ड को 18-21, 21-18, 21-10 से हराया। पहला गेम गंवाने के बाद त्रिशा और गायत्री की जोड़ी ने कमाल की वापसी की और फाइनल मे जगह बनाई। दूसरे सेमीफाइनल में पिछले संस्करण की उपविजेता शीर्ष वरीय भारत की अश्विनी पोनप्पा व तनीषा क्रैस्टो को तीन गेम तक चले मैच में हार मिली। उन्हें चीन के बाओ ली जिंग व ली कियान ने 14-21, 21-16, 21-13 से हराया।
तनीषा क्रास्टो- ध्रुव कपिला और साई प्रतीक व पृथ्वी कृष्णामूर्ति फाइनल में
प्रतियोगिता के मिश्रित युगल सेमीफाइनल में पांचवीं वरीय भारत के ध्रुव कपिला व तनीषा क्रैस्टो ने चीन के चौथी वरीय झोऊ जी होंग व जिया यी को 21-16, 21-15 से हराया। ध्रुव व तनीषा के सामने अब छठीं वरीय थाईलैंड के डी.पुवारानुक्रोह व सुपिसारा पेवसम्प्रान होंगे। उधर, पुरुष युगल में भारत के साई प्रतीक व पृथ्वी कृष्णामूर्ति के.राय ने भारत के ही इशान भटनागर व शंकर प्रसाद उदयकुमार को 21-17, 17-21, 21-16 से हराया। साई प्रतीक व प्रथ्वी की अब फाइनल में चीन के हुआंग डी व लियू यांग से टक्कर होगी।