तीन दिन के नवजात को कोई ट्रेन में बेसहारा छोड़ गया था, लेकिन समय रहते यात्रियों की नजर उस मासूम पर पड़ गई और उसे नए जीवन का आसरा मिल गया।
मासूम को लीलावती मुंशी बालगृह में आश्रम दिलाया गया है।
चारबाग स्टेशन पहुंची इलाहाबाद बरेली पैसेंजर ट्रेन में मंगलवार सुबह यात्रियों की नजर बिलखते हुए नवजात पर पड़ी।
एक यात्री अमित वर्मा ने चाइल्ड लाइन के नंबर 1098 पर फोन किया। इसके बाद जीआरपी की मदद से नवजात को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया।
चाइल्ड लाइन सदस्य मनोज के मुताबिक, झलकारी बाई अस्पताल में बच्चे को चेकअप कराया गया। डॉक्टरों ने बच्चे को पूरी तरह स्वस्थ बताया है।
इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति की मदद से मोती नगर स्थित लीलावती मुंशी बालगृह के दत्तक गृह में आश्रय दिलाया गया है।
उधर, लीलावती मुंशी बालगृह की शिल्पी सेन ने बच्चे के बारे में बात करने से इन्कार कर दिया। नवजात के मिलने की खबर के बाद से उसे खोद लेने को लेकर चारबाग से चाइल्ड लाइन तक तांता लगा रहा।
मनोज के मुताबिक बच्चे को गोद लेने के लिए चारबाग पर ही कई यात्री आगे आए। हालांकि नियमों का हवाला देते हुए बच्चा चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया गया। चाइल्ड लाइन में भी कई लोगों के फोन आए।