राजकीय बालगृह शिशु की लापरवाही से बुधवार को एक और मासूम की मौत हो गई। हालत गंभीर होने पर उसे झलकारी बाई अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार मिलने से पहले ही वह दम तोड़ चुकी थी। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची को अगर समय पर इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। जबकि उधर, बालगृह शिशु के जिम्मेदार इस आरोप को गलत ठहराते हुए बीमारी से बच्ची की मौत बता रहे हैं।
प्रयाग नारायण रोड स्थित बालगृह शिशु के दत्तक गृह में मिर्जापुर से 24 फरवरी को आए आठ नवजात बच्चों में तीन माह की मासूम भी थी। बालगृह शिशु के कर्मचारियों की लापरवाही से उसे ठंड लग गई। बुधवार सुबह आननफानन में उसे झलकारीबाई अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बालगृह की अधीक्षिका मंजु वर्मा का कहना है कि बच्ची लंबे समय से बीमार थी। संस्था में लगातार उपचार जारी है लेकिन सुबह अचानक तबियत बिगड़ने से सिविल अस्तपत भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई। वहीं, जिला प्रोबेशन अधिकारी सुधाकर पांडेय का कहना है कि नवजात तीन माह की थी। उसे शुरू से ही ठंड का असर था।