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टीका लगने के बाद दुधमुंही की मौत, आठ बच्चों का अस्पताल में चल रहा इलाज

Thu, 07 Jun 2018 03:49 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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टीका लगने के बाद मृत बच्ची। - फोटो : amar ujala
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बहराइच के नानपारा क्षेत्र में एएनएम द्वारा टीका लगाने के बाद एक बच्ची की मौत हो गई जबकि कई मासूम बच्चों की तबियत खराब है। सभी का इलाज कराया जा रहा है। सूचना पर सीएमओ और डब्ल्यूएचओ की टीम ने गांव पहुंचकर जांच की है। सीएमओ ने टीके की वजह से मौत की बात नकारी है।
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नानपारा तहसील क्षेत्र अंतर्गत रामपुर धोबियाहार गांव में एएनएम सोनम गुप्ता की तैनाती है। बुधवार शाम चार बजे के कराब सोनम गांव की आशा सुनीता के साथ बच्चों के टीकाकरण के लिए निकलीं। उन्होंने नौ बच्चों का टीकाकरण किया। टीकाकरण के एक घंटे बाद बच्चों की तबियत बिगड़ने लगी।

परिवार के लोगों ने पहले तो टीके के बाद आने वाला बुखार ही समझा लेकिन लेकिन रात तक बच्चों की हालत नाजुक हो गई। परिवारीजनों ने एएनएम को फोन कर सूचना दी तो एएनएम ने टीका लगने के बाद मामूली तबियत खराब होने की बात कहकर किनारा कस लिया। इसी बीच देर रात रुखसाना उर्फ हिना (दो माह) पुत्री मोहम्मद अहमद ने दम तोड़ दिया।
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बच्ची की मौत की खबर फैलते ही गांव के अन्य लोग दहशत में आ गए। रात में ही एंबुलेंस बुलाकर बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानपारा पहुंचाया गया। यहां बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार पांडेय व डब्ल्यूएचओ की टीम ने गांव पहुचकर ग्रामीणों से बातचीत के अलावा अन्य पहलुओं पर जांच की है।
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इन बच्चों का सीएचसी में चल रहा इलाज

अस्पताल में भर्ती बच्चे। - फोटो : amar ujala
फातिमा (3 माह) पुत्री मेराज अली, फैजान (8 माह) पुत्र मकसूद, प्रांती (10 माह) पुत्री रामू, साक्षी (6 माह) पुत्री विनोद सोनी, वंदना (एक माह) पुत्री कमलकिशोर, मधु (डेढ़ माह) पुत्री छंगू, राधिका (8 माह) पुत्री शोभाराम, मोहम्मद अनस (10 माह) पुत्र मोकीम।

टीके का नहीं होता रिएक्शन, पहले से बीमार रहा होगा बच्चा
प्रथम दृष्टया जांच में पता चला है कि एएनएम ने सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के बाद बीसीजी, पेंटा, आईपीवी और पीसीबी के टीके लगाए हैं। यह टीके सामान्य होते हैं, जिनसे तबियत नहीं बिगड़ती। जिस बच्चे की मौत हुई है, हो सकता है पहले से बीमार रहा हो। जांच की जा रही है।
- डॉ. अरुण कुमार पांडेय, मुख्य चिकित्साधिकारी
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कोल्ड चेन बिगड़ने पर कम होती है टीके की क्षमता

गांव में जांच रती टीम। - फोटो : amar ujala
टीका कभी जानलेवा नहीं होता। अगर कोल्ड चेन मेनटेन न होने की बात मानें तो इससे टीके की क्षमता प्रभावित होती है, कोई रिएक्शन होता है। भर्ती सभी आठ बच्चों को टीका लगने के बाद बुखार आया, यह सामान्य प्रक्रिया है। इलाज के बाद अब सभी बच्चे स्वस्थ हैं।
- डॉ. चंद्रभान, बाल रोग विशेषज्ञ सीएचसी नानपारा
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