लखनऊ। नगर निगम के जोन तीन में आने वाले अलीगंज निवासी नितिन खन्ना से बाबू ने ज्यादा गृहकर जमा कर दिया। इससे वे चार वर्षों से दौड़ रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
नितिन ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह से बताया कि चार साल पहले मकान में आवासीय और व्यावसायिक गृहकर निर्धारण अलग कराकर गृहकर जमा कर दिया। जब अलग बिल बनाए गए तो बाबू ने यह कहकर व्यावसायिक हिस्से का 24 हजार रुपये गृहकर दोबारा जमा करा लिया कि यह आगे समायोजित हो जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। जोन तीन कार्यालय जाने पर बाबू बहाना बनाकर लौटा देते हैं। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने जोनल अधिकारी जोन तीन को मामले का निस्तारण करने व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।