फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुशखबरीः लखनऊ विश्वविद्यालय में फिर से शुरू होगा यह कोर्स

Fri, 15 Apr 2016 10:32 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ

सार

  • बीए ऑनर्स सोशल वर्क कोर्स सेल्फ फाइनेंस स्कीम के तहत 
  • 60 सीटों पर प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होगा दाखिला 
  • सोशल वर्क से स्नातक करने के बाद एनजीओ व कई अन्य संस्थाओं में जॉब के अवसर 
विज्ञापन
जल्द शुरू होगा कोर्स - फोटो : Demo pic
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लखनऊ विश्वविद्यालय में बीए सोशल वर्क ऑनर्स का कोर्स भी कर सकेंगे। विश्वविद्यालय एक बार फिर से इस कोर्स को शुरू करने जा रहा है। इस कोर्स के शुरू होने से विवि में स्नातक स्तर पर चार ऑनर्स कोर्स का विकल्प स्टूडेंट्स के सामने होगा। 
विज्ञापन


अभी तक विवि में बीए ऑनर्स इंग्लिश, बीए ऑनर्स पब्लिक पॉलिसी और बीकॉम ऑनर्स का कोर्स ही उपलब्ध था। बीए ऑनर्स सोशल वर्क का कोर्स सेल्फ फाइनेंस स्कीम के तहत चलाया जाएगा जिसमें 60 सीटों पर प्रवेश परीक्षा के माध्यम से दाखिला होगा।

सत्र 2016-17 में दाखिले के तैयार हो रही एलयू की प्रवेश प्रक्रिया में इस कोर्स को शामिल किया गया है। सोशल वर्क विभाग के अध्यक्ष प्रो. डीके सिंह ने बताया कि पहले करीब 6-7 साल इस कोर्स का विवि में संचालन हुआ। छात्रों का कोर्स को लेकर रुझान भी काफी अच्छा था।
विज्ञापन


लेकिन गत वर्ष फैकल्टी की समस्या केचलते इस कोर्स को नहीं चलाया गया। हालांकि अब विभाग ने सभी समस्याएं दूर कर ली हैं और कोर्स फिर से चलेगा। उन्होंने बताया कि साधारण बीए के अंतर्गत सोशल वर्क विषय लेने और बीए सोशल वर्क ऑनर्स में काफी अंतर है। 
विज्ञापन

ऑनर्स कोर्स में दी जाती है अधिक और गहन जानकारी

लखनऊ ‌विश्वविद्यालय ‌में शुरू होगा बीए सोशल वर्क ऑनर्स कोर्स - फोटो : demo pic
ऑनर्स कोर्स में विषय की अधिक और गहन जानकारी दी जाती है। यह एक तरह से उस कोर्स में स्पेशलाइजेशन हो जाता है। इसका बड़ा फायदा यह है कि सोशल वर्क से स्नातक करने के बाद छात्रों को एनजीओ व कई अन्य संस्थाओं में जॉब के अवसर मिलते हैं। 

इसके अलावा जब स्टूडेंट एमए सोशल वर्क करने जाता है तो भी उसे अधिक समझ होती है। बीए ऑनर्स सोशल वर्क में छह सब्सिडियरी विषय रखे गए हैं। इनमें सोशल वर्क, फिलॉसफी, साइकोलॉजी, इंग्लिश, एशिएंट इंडियन हिस्ट्री और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन शामिल हैं।

प्रो. डीके सिंह ने बताया कि पहले साल में स्टूडेंट को सोशल वर्क सहित कोई तीन विषय लेने होंगे। अंतिम वर्ष में वह एक विषय को छोड़ देगा। उन्होंने बताया कि तीसरे वर्ष का सिलेबस सोशल वर्क पर ज्यादा फोकस्ड है।

एक तरह से उसमें एमए स्तर की चीजें भी शामिल हैं जिसका स्टूडेंट्स को रोजगार या आगे की पढ़ाई में लाभ मिलेगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें