बीएड प्रवेश परीक्षा में अब तक मात्र 10 प्रतिशत स्टूडेंट्स की ही फीस जमा हो सकी है।
अधिकारियों का कहना है कि स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कई छात्र ऑनलाइन फीस भरते समय रीफ्रैश या बैक स्पेस बटन दबा देते हैं, जिस कारण उनके खाते से रुपये कट जाते हैं और फॉर्म भी जमा नहीं होता।
साथ्ा ही सर्वर धीमा होने के कारण भी फीस जमा नहीं हो पा रही है। 25 फरवरी से बीएड प्रवेश परीक्षा के फॉर्म ऑनलाइन भरे जा रहे हैं।
अधिकारियों की मानें तो 25, 26 व 27 फरवरी तक 22, 254 छात्रों ने फॉर्म भरे लेकिन फीस केवल 2,525 की ही जमा हुई। इस पर अधिकारियों का कहना है कि बैंक से फीस ट्रांसफर में कुछ समय लगता है।
यह इंटरनेट की स्पीड पर निर्भर करता है। स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद अधिकतर छात्र फीस ट्रांसफर की प्रक्रिया में रीफ्रैश या बैक बटन दबा दे रहे हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया रद हो जा रही है।
इससे छात्र के एकाउंट से फीस तो कट जा रही है लेकिन जमा नहीं होती है। यह बाद में उनके बैंक खाते में स्थानांतरित हो जाती है। इससे छात्र का फॉर्म भर जाता है लेकिन फीस जमा नहीं होती है।
बीएड प्रवेश परीक्षा के राज्य समन्वयक प्रो. ओ पी कंडारी का कहना है कि सॉफ्टवेयर को इस प्रकार तैयार किया जाता है कि कोई भी फीस के साथ छेड़छाड़ न कर सके।
अब इसे ठीक किया जा रहा है। साथ ही छात्रों के पंजीकरण व फोन नंबर लेकर उनकी समस्या का समाधान भी किया जा रहा है।